नर्मदा, ग्राम नर्मदा में रविवार को मां नर्मदा मंदिर प्रांगण में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सनातन धर्म की संरक्षण के लिए अतिथियों ने आह्वान किया। हिन्दू समाज एकजुट होकर हिन्दू संस्कृति व संस्कार को बचाने प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर वक्ताओं ने सनातनियों को एकजुट रहते हुए अपनी संस्कृति व संस्कार बचाने आह्वान किया।
भारत माता की पूजा-अर्चना की कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिन्दू धर्म में बटे विभिन्न जातियों को एक सूत्र में बांधना था। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न जातियों के प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया। कोसरिया मरार समाज से कुकुरमुड़ा के दुखुराम पटेल, लोधी समाज से ओटेबंद के नोहर जंघेल, तेली समाज से जगमड़वा के खेमलाल साहू, यादव समाज से खोंघा के पंचू यादव, केवट समाज से चकनार के परसू राम निषाद, धोबी समाज से अतरिया के मोहन रजक, आदिवासी समाज से गभरा के गोपी ठाकुर, सतनामी समाज से बेलगांव के किसुन मिर्चे, ब्राह्मण समाज से पंडरिया के नर्मदा प्रसाद चौबे शामिल हुए।
छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किया भोयरा मरार समाज से बगदूर के गणपत पटेल, मानिकपुरी समाज से घिरघोली के मोतीदास महंत, नाई समाज से ठंडार के तिहारू सेन, गड़रिया समाज से कुकुरमुड़ा के दुधे पाल, कलार समाज से बेलगांव के रामाधीन सिन्हा, मोची समाज से कुकुरमुड़ा के परशुराम, घिरघोली के राधेश्याम मेश्राम, गोस्वामी समाज से नर्मदा के कैलाश गिरी गोस्वामी, पारधी समाज से ठंडार के लालजी पारधी व जैन समाज से नर्मदा के गुलशन गोलछा को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में श्रीसीताराम मानस मंडली कुकुरमुड़ा ने प्रस्तुति दी।






