रायपुर। जाति, धर्म और भाषा के नाम पर समाज में बढ़ती नफरत और विभाजन की घटनाओं के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इंसानियत और भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। रायपुर सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक यूसुफ खान ने समय पर रक्तदान कर एक गंभीर रूप से घायल हिंदू युवक की जान बचाकर यह साबित कर दिया कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर निवासी एक युवक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाइक दुर्घटना में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल रायपुर स्थित एमएमआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक की हालत अत्यंत नाजुक थी। चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने के लिए तत्काल शल्यक्रिया करते हुए उसका पैर काटना पड़ा। ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण युवक को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा रक्त की कमी की सूचना मिलते ही यह जानकारी रायपुर सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक यूसुफ खान तक पहुंची। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए यूसुफ खान ने बिना किसी देर के मानवता का परिचय दिया। वे दोपहर करीब एक बजे एमएमआई अस्पताल पहुंचे और स्वयं रक्तदान कर घायल युवक के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाई। समय पर उपलब्ध कराए गए रक्त के कारण युवक की हालत स्थिर हो सकी और चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। प्रधान आरक्षक यूसुफ खान का यह कार्य केवल एक व्यक्ति की जान बचाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। उन्होंने यह साबित किया कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों के लिए जीवन रक्षक बनकर भी खड़ी रहती है। उनके इस कदम ने पुलिस की संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी को उजागर किया है।
यूसुफ खान के इस सराहनीय कार्य की अस्पताल प्रशासन, पुलिस विभाग और आम नागरिकों द्वारा खुले दिल से प्रशंसा की जा रही है। कई लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल बताया। उनका यह कदम ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिशें लगातार देखने को मिल रही हैं। प्रधान आरक्षक यूसुफ खान ने अपने व्यवहार और कार्य से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि संकट के समय इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म होती है। उनका यह मानवीय कार्य न केवल पुलिस बल के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह सिखाता है कि आपसी प्रेम, सहयोग और संवेदनशीलता से ही एक बेहतर समाज का निर्माण संभव है।
