राजनांदगांव, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को लागू करने की मांग पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगा। फेडरेशन कलेक्ट्रेट के सामने 29 से 31 दिसंबर तक आंदोलन करेगा। हड़ताल के कारण कार्यालय और स्कूलों में तालाबंदी हो सकती है। शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से स्कूल खुलेंगे, लेकिन शिक्षकों के हड़ताल में शामिल होने से पढ़ाई प्रभावित होगी। कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से शासकीय कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक सतीश ब्यौहरे ने बताया पहले चरण में 16 जुलाई को रैली निकालकर मोदी गारंटी लागू करने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश के कर्मचारियों से किया गया मोदी गारंटी का वादा छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरा नहीं किया। वादाखिलाफी के कारण फेडरेशन ने दोबारा आंदोलन का निर्णय लिया है। फेडरेशन ने हाल ही में बैठक कर आंदोलन रूपरेखा तैयार की है। बैठकों को दौर जारी है अधिकारी-कर्मचारियों से इसमें शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
इन प्रमुख मांगों पर हड़ताल करने की तैयारी: प्रदेश में सरकार बनने पर शासकीय सेवकों और पेंशनरों को केन्द्र के समान डीए, डीआर दिया जाएगा। लंबित डीए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाएगा। अनियमित, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, अतिथि शिक्षक संवर्ग का नियमितीकरण किया जाएगा। प्रदेश के सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर किया जाएगा। लिपिकों, सहायक शिक्षकों एवं अन्य संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करने गठित पिंगुवा कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक की जाएगी। पंचायत सचिवों का शासकीय करण किया जाएगा। मितानिनों, रसोईया, सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि, फेडरेशन ने प्रदेश में चार स्तरीय समयमान वेतनमान, सहायक शिक्षकों, सहायक पशु चिकित्सकों को तृतीय समय वेतनमान, अर्जित अवकाश 300 दिन करने, कैश लेस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।






