राजनांदगांव, महर्षि वाग्भट्ट गौ संवर्धन एवं अनुसंधान संस्थान जिला राजनांदगांव के मार्गदर्शन में संचालित पंचगव्य विद्यापीठम् विस्तार केन्द्र में पंचगव्य चिकित्सा, एडवांस डिप्लोमा इन पंचगव्य थेरेपी (एडीपीटी) पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण एवं परीक्षा संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक पंचगव्य चिकित्सा एडीपीटी पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को एक योग्य गव्यसिद्ध चिकित्सक, गौ आधारित जैविक कृषक, स्वदेशी एवं गौ उत्पादक बनकर गाय की उपयोगिता को पुन: स्थापित करने और गाय के महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
संस्थान के वरिष्ठ सदस्य आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि गाय के बिना स्वदेशी की कल्पना नहीं की जा सकती। सदस्य सतीश चंदेले ने गाय और छत्तीसगढ़ी बोली को संरक्षित करने के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। गव्यसिद्ध आचार्य डॉ. डिलेश्वर साहू ने कहा कि गाय को अर्थ से जोड़ते हुए, गाय के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित कर भारतीय देशी गौवंशों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को सदस्य अपूर्वा प्रधान, पुरूषोत्तम देवांगन, प्रज्ञानंद मौर्य, तनीष साहू ने भी संबोधित किया। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण में मुंगेली से भुनेश्वर राजपूत, रायपुर से दिलीप साहू एवं हरनारायण यदु, डोंगरगांव से झनक लाल साहू, राजनांदगांव से मोनिका साहू, राकेश सोनी एवं जितेन्द्र साहू शामिल हुए।
