राजनांदगांव, स्कूल के शिक्षकों के बाद अब कॉलेज के प्रोफेसरों को श्वानों की निगरानी करने जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी कॉलेजों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर टीम बनाई गई है। इसमें अन्य स्टाफ को शामिल किया गया है। नोडल अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे।
जिले में करीब 24 सरकारी कॉलेज है जहां आवारा कुत्ते मंडराते नजर आते है। श्वानों के प्रवेश पर निगम को इसकी सूचना दी जाएगी। कॉलेजों में प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। कॉलेज परिसर में बाउंड्रीवाल दुरूस्त की जा रही है। कॉलेजों में नोडल अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और हेल्प लाइन नंबर की जानकारी चस्पा की गई है। शहर का सबसे पुराना और ऐतिहसिक दिग्विजय कॉलेज तीन तरफ से रानी सागर और बुढ़ा सागर से घिरा हुआ है। वहीं सामने वाले मेन गेट पर सुरक्षा गार्ड् रहता है। ऐसे में यहां श्वानों का प्रवेश मुश्किल है। साइंस कॉलेज और कमला कॉलेज में पर्याप्त बाउंड्रीवाल और फेंसिंग होने की जानकारी दी गई। उच्च शिक्षा विभाग के आदेश पर यहां भी टीम बनी है। नोडल अफसरों का नाम, मोबाइल नंबर, हेल्प नंबर को नोटिस बोर्ड में चस्पा किया है।
