- 5 लाख रु. मांगे, धमकाने का भी आरो
- 32 लाख गबन मामले में पुलिस कर रही है जांच
खैरागढ़ पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उसकाने का आरोप लगा है। मृतक की पत्नी ने बुधवार को एसपी के नाम सीएसपी लोकेश देवांगन को शिकायत पत्र सौंपा है। जिसमें खैरागढ़ थाने के एसआई मनीष शेंडे, एएसआई अनाराम साहू व एक महिला आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला खैरागढ़ शराब दुकान के 32 लाख रुपए के गबन से जुड़ा है। राशि जमा करने वाली एजेंसी के कर्मचारी अखिलेश सोनी को गबन के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बाद पुलिस ने जांच व पूछताछ के नाम पर अंबेडकर वार्ड निवासी करण बाल्मिक (26 वर्ष) को थाने बुलाया। करण एसबीआई एटीएम में केयर टेकर का काम करता था, पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार अखिलेश ने गबन की राशि का कुछ हिस्सा करण को दिया था। इसी के चलते पुलिस ने करण से पूछताछ शुरू की। 17 मई को करण ने फांसी लगा ली। मृतक के पत्नी का आरोप है कि करण ने पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
इतनी पिटाई की कि हॉस्पिटल तक ले जाना पड़ा
मृतक की पत्नी मोनिका बाल्मिक ने शिकायत में बताया कि उसे और उनके पति करण को 9 मई को पुलिस ने पूछताछ के नाम पर थाने में बुलाया। इसके बाद एसआई मनीष शेंडे, एएसआई अनाराम साहू और दूसरे पुलिसकर्मियों ने लात, घूसे और पट्टे से करण की बेदम पिटाई की। मारपीट इतनी बुरी तरह की गई कि करण बेसुध हो गया। जिसके बाद उसे खैरागढ़ हास्पिटल में दाखिल किया गया। मोनिका ने आरोप लगाया कि उसके साथ भी थाने में मारपीट की गई है। इधर मामले में एएसपी प्रज्ञा मेश्राम ने बताया कि गबन के मामले में संलिप्तता की जांच की जा रही है, मुख्य आरोपी के दिए बयान के आधार पर करण को थाने में बुलाया गया था, उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है। मृतक की पत्नी ने जो आरोप लगाया है उसकी भी जांच की जाएगी।
मामला खत्म करने पांच लाख देने की मांग की
मोनिका ने बताया कि करण ने पूछताछ में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसे गबन के राशि के बारे में जानकारी नहीं हैं। इसके बाद भी उसे बार-बार थाने बुलाया जाता रहा। एसआई मनीष शेंडे ने 5 लाख रुपए की डिमांड करते हुए मामला निबटा देने का दावा किया, मोनिका ने आरोप लगाया है कि पुलिस की ओर से एक वकील भी उन तक पहुंचा, जिसने 5 लाख रुपए अफसरों को दे देने की बात कही। पीड़िता ने बताया कि उनकी माली हालत पहले ही खराब है, उस पर पुलिस 5 लाख लाने का दबाव बनाती रही।
धमकी से परेशान होकर करण ने लगा ली फांसी
पीड़िता ने बताया कि थाने में करण से मारपीट के बाद पुलिस उसे लगातार प्रताड़ित करती रही। करण को थाने से रोज फोन किया जा रहा था, जिसमें जल्द से जल्द 5 लाख रुपए लाने का दबाव बनाते रहे। पीड़िता ने बताया कि इसके चलते करण बुरी तरह परेशान हो गया था, उसे जेल भिजवा देने और बुरी तरह फंसाने की धमकी भी देते रहे। पीड़िता का आरोप है कि इसी से तंग आकर उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने खैरागढ़ थाने के सभी जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
गबन करने वाला आरोपी पहले ही जेल जा चुका
शराब दुकान से बिक्री होने वाली रकम को बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई। उक्त एजेंसी में कार्यरत अखिलेश सोनी ने 32 लाख रुपए बैंक में जमा नहीं किए थे। लॉकडाउन में जब शराब दुकान बंद हुई तो इसका खुलासा हुआ। आबकारी की शिकायत के बाद पुलिस ने अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में अखिलेश से की गई पूछताछ के बाद पुलिस गबन के मामले में दूसरे संलिप्तों की भी जांच कर रही है।
पुलिस का पक्ष; करण के जरिए रुपए ब्याज में बंटा
इधर पूरे मामले में पुलिस का पक्ष है कि मुख्य आरोपी अखिलेश सोनी ने मृतक करण को गबन की राशि में से बड़ी रकम दी थी। खैरागढ़ पुलिस का पक्ष है कि करण ने उक्त राशि को बाजार में ब्याज में चलाया था। इसी को लेकर करण से लगातार पूछताछ की जा रही थी लेकिन पुलिस का यह पक्ष अब तक केवल दावा ही है, इसमें कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया था। इसके पहले ही करण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बड़ा सवाल करण के सुसाइड नोट को लेकर भी सामने आ रहा है।
इधर, अब दुकानदारों पर जुर्माना करने का आरोप
चिचोला इलाके से भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुधवार को पुलिस की टीम ने कई दुकानदारों पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 500-500 रुपए का जुर्माना किया है। पुलिस की ओर से बकायदा इसकी रसीद भी दी गई है। दुकानदारों का पक्ष है कि अनलॉक के बाद ही उन्होंने दुकानें खोली है।
