- यूथ कांग्रेस की टीम अब तक 10 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों को सूखा राशन बांट चुकी है, प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कर रहे सेवा
यूथ कांग्रेस की टीम ने शनिवार की रात तक नक्सल प्रभावित इलाके में जाकर सूखा राशन का वितरण किया। घोर नक्सल इलाके में रात 11 बजे तक सूखा राशन वितरण होता रहा। युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तथागत विजय पांडे के और पूरी टीम ने अभी तक 10000 से ज़्यादा परिवारों को राहत पहुंचा है।
वहीं शनिवार को जिले के अंतिम छोर खड़गांव, रामगढ़, मदनवाड़ा, फूलगोड़ो, उरवाही, भोसटोला जैसे ऐसे इलाकों में राशन पहुंचाया गया। जहां लोगों को सूखा राशन की सख़्त आवश्यकता थी। पूरी कोशिश की गई की हर उस परिवार तक पहुंचे जहां लोगों तक संसाधनों की कमी थी। वही उरवाही ऐसा इलाका था जो कि कई दिनों से कंटेनमेंट जोन था। जिला मुख्यालय से 180 किमी दूर गांव में भी पहुंचे। वहां के लोगों को गांव से बाहर निकलने में प्रतिबंध था।
वहां भी कई परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया। इस कार्य में सुजीत ठाकुर के साथ युवक कांग्रेस के मानव देशमुख, ज़िला महासचिव दिगंत अवस्थी, ज़िला महासचिव शुभम पांडे, ज़िला महासचिव रविंद्र यादव, भवनीत सिंग, अंकुर मिश्रा, सुनंदन लोहिया, मोनू पण्ड्या, मोनू ठाकुर, सूर्या पांडे, देव ठाकुर, शुभम ठाकुर, सोनू सिंह राजपूत, श्रेयांस शर्मा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
युवाओं की इस टीम ने लगातार की मदद
संकट की इस घड़ी में शहर के कुछ जागरूक युवा सेवा की मिसाल बने हुए हैं। इनकी सक्रियता की वजह से ही शहर में कोविड के मरीजों की संख्या में तेजी के साथ गिरावट आई है। सेवा की इस कड़ी में पूर्व महापौर स्व.विजय पांडे की स्मृति में संचालित कोविड हेल्प सेंटर से मरीजों व गरीब तबके के लोगों को मदद पहुंची। सेंटर के माध्यम से शहर ही नहीं बल्कि झारखंड, कानपुर और महाराष्ट्र तक भी मरीजों को राहत पहुंचाई। हेल्प लाइन सेंटर से 24 घंटे सेवाएं दी जा रही है। 22 सदस्यों की टीम पूरे जज्बे के साथ सेवा कार्य में जुटी रही। सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को सीधे कॉल कर उनकी परेशानी पूछी गई और समस्याओं का समाधान भी किया गया। तथागत ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर पर कॉल आने पर कानपुर में मरीज को प्लाज्मा दिलाया गया। झारखंड महाराष्ट्र के मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा दिलाई गई। कोरोनाकाल में जरूरतमंदों तक पहुंचकर युवा पूरे समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा सूखा राशन पहुंचाकर राहत देने की कोशिश कर रहे हैं। मास्क बांट रहे हैं साथ ही जागरूक भी कर रहे हैं।
