राजनांदगांव। कोरोना की महामारी और लाकडाउन ने आम लोगों को संकट में डाल दिया है। गरीब-मजदूर परिवार के लोग आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे लोगों के घरों तक मदद पहुंचाने के लिए शहर के युवाओं ने हाथ बढ़ाया है।
सामाजिक संगठन के माध्यम से भी युवाओं की टीम लोगों की मदद कर रही है। महापौर हेमा देशमुख भी अपनी टीम के साथ गरीबों के घरों तक सूखा राशन और सब्जी पहुंची रही हैं। कोरोना काल के चलते काम-काज ठप हैं। महंगाई भी बढ़ गई है। इसके चलते आम लोगों का बजट भी बिगड़ गया है। वहीं कोरोना भी अपनी कहर बरपा रही है।
इसको लेकर ही युवाओं की टीम संक्रमित मरीजों तक मदद पहुंचा रहे हैं। शहर के कई युवा हैं जो संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के साथ दवाइ और गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए आक्सीजन सिलिंडर पहुंचाकर मदद कर रहे हैं। प्रेरणादायी युवाओं की मदद कोरोना योद्धा से कम नहीं है। जिसकी लोग सराहना भी कर रहे हैं।
सूखा राशन नहीं गरीबों मजदूरों के घर पहुंचा रहे पका भोजन खैरागढ़ श्रीराम गो-सेवा समिति के सदस्य गरीब श्रमिकों के घर पका भोजन पहुंचा रहे हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वजनों को भी निश्शुल्क भोजन दे रहे हैं। समिति के सदस्य मारूति शास्त्री और शुभम यादव ने बताया कि उनके ग्रुप में 12 सदस्य हैं, जो कोरोना के संकट काल में परेशान लोगों तक मदद पहुंचान का संकल्प लिया है।
शुभम ने बताया कि अभी तक डेढ़ से दो सौ लोगों के घरों में भोजन पहुंचा रहे हैं। सुबह और शाम भोजन के साथ समिति के सदस्य अस्पताल भी जा रहे हैं। यहां जरूरतमंद भर्ती मरीजों के स्वजनों को निश्शुल्क भोजन दे रहे हैं। युवाओं इस कार्य की खैरागढ़ में सराहना की जा रही है।
ढाई सौ से ज्यादा मरीजों तक पहुंचा चुके आक्सीजन कोरोना काल में बढ़ी समस्या को देख कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के युवा सदस्य और प्रदेश युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन निखिल द्विवेदी ने अपनी लग्जरी कार को एंबुलेंस बना दिया है। कार में आक्सीजन सिलिंडर सहित पीपीइ किट लेकर चल रहे हैं।
निखिल अभी तक ढाई सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों तक आक्सीजन सिलिंडर पहुंचा चुके हैं। वहीं तीन सौ से अधिक पाजिटिव मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराकर जान बचाई है। निखिल खुद पीपीइ किट पहनकर मरीजों की सेवा में जुटे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी निखिल गरीब श्रमिक परिवार के घरों तक सब्जी व अन्य राहत सामग्री भी पहुंचा रहे हैं। यही नहीं सामाजिक लोगों की मदद से उन्होंने शहर से लगे ग्राम बोरी के एक निजी स्कूल को 74 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बनाया है।
मेयर के साथ कई पार्षदों ने बढ़ाए मदद के लिए हाथ महामारी के इस दौर में श्रमिक परिवारों की समस्या बढ़ गई है। गरीब-मजदूर परिवार के लोग कामकाज बंद होने से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे लोगों तक महापौर हेमा देशमुख की टीम मदद पहुंचा रही है। महापौर हेमा के बेटे मानव देशमुख भी अपने युवा साथियों के साथ गरीब परिवारों के घरों तक सूखा राशन पहुंचा रहे हैं।
इसके अलावा शहर के पेंड्री में कोविड केयर सेंटर की शुरुआत कर संक्रमित मरीजों का इलाज भी करा रहे हैं। महापौर हेमा ही नहीं बल्कि नगर निगम के कई पार्षद भी संकट काल में लोगों की मदद करने का संकल्प लिया है।
पार्षद ऋषि शास्त्री सूखा राशन के साथ जरूरतमंद मरीजों के घर दवाइ पहुंचा रहे हैं। इसी तरह पार्षद गगन आइच भी गोकुल नगर मुक्तिधाम में दाह संस्कार करने आने वाले संक्रमित मृतक के स्वजनों के लिए जलपान व पेयजल की सुविधा दे रहे हैं।
वनांचल तक पहुंच रही मदद शहर की बर्फानी आश्रम सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश मारू और कमलेश सिमनकर वनांचल के ग्रामीणों तक मदद पहुंचा रहे हैं। सूखा राशन के साथ ग्रामीणों के बच्चों को नए कपड़े और जरूरतमंद मरीजों तक दवाई तक पहुंचा रहे हैं। कोरोना काल में समिति के सदस्य वनांचल के अंतिम गांवों तक भी पहुंच रहे हैं।
मानपुर ब्लाक के औंधी सहित अंदरुनी गांवों में भी बर्फानी सेवा समिति के सदस्य मदद के लिए पहुंच चुके हैं। इधर शहर के पर्यावरण प्रेमी स्व मधु साहू के बेटे हर्ष साहू भी कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद करने जुट गए हैं। हर्ष ने अभी तक सौ से अधिक संक्रमित मरीजों तक आक्सीजन सिलिंडर पहुंचा चुके हैं।
