रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण प्रचंड रूप में है। पिछले एक माह से पूरा राज्य लाक है। इसके बावजूद न तो संक्रमण की रफ्तार कम हुई और न ही मौतों की कतार छोटी पड़ी। इस विकट स्थिति में स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना से बचाव का एकमात्र रास्ता अधिक से अधिक लोगों का कोरोनारोधी टीकाकरण है।
दुर्भाग्य से राज्य में 18+ यानी बालिगों के टीकाकरण का अभियान राजनीतिक टीका-टिप्पणी में उलझ गया। सरकार पहले गरीबों को टीका लगवाना चाहती थी तो विपक्ष का तर्क था कि जब कोरोना संक्रमण ने वर्ग नहीं देखा तो सरकार टीकाकरण का वर्गीकरण किस आधार पर कर रही है? अंत में यह विवाद हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया। कोर्ट ने टीकाकरण के वर्गीकरण पर रोक लगाकर सरकार को नई नीति बनाने के निर्देश दे दिए।
राज्य सरकार की 18+ टीकाकरण नीति के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने पहली सुनवाई के बाद सरकार को नई नीति बनाकर टीकाकरण करने के निर्देश दिए थे, मगर सरकार ने अगले आदेश तक टीकाकरण पर रोक लगा दी। इस पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
कोर्ट ने कहा कि टीकाकरण बंद करने का निर्णय बेतुका है। इसे बंद करने का आदेश किसने दिया है? हमने तो इस मामले में शासन को नीति बनाने के लिए कहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि खबरें आ रही हैं कि टीकाकरण को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है और वे टीकाकरण में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकेलिए राज्य शासन को जागरूकता शिविर लगाने के लिए भी कहा है।
कोर्ट ने टीकाकरण को तत्काल चालू करते हुए राज्य के सभी वर्ग (सामान्य, बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारी) के युवाओं के एक तिहाई के हिसाब से टीकाकरण करने के लिए कहा है। साथ ही राज्य शासन द्वारा गठित कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कोरोना संक्रमण के काल में सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। संकट में समय ऐसे निर्णय लेने से परहेज करना चाहिए, जिससे जनभावना आहत होती हो और लोगों को न्यायालय की शरण लेनी पड़े।
जब भी कभी सरकार गलत निर्णय लेती है तो लोगों के पास न्यायालय ही विकल्प होता है। फिर वही होता है, जो राज्य में टीकाकरण नीति के मामले हुआ। इससे सरकार की साख पर असर पड़ता है। लोगों के बीच उसकी विश्वसनीयता खत्म होती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आशा की जानी चाहिए कि महामारी के इस कठिन दौर में सभी योग्य पात्रों को जिंदगी का टीका लगेगा और सभी सुरक्षित होंगे।
