राजनांदगांव। महामारी बन चुकी कोरोना संक्रमण को मात देने प्रशासन ने जिले को 15 मई तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इस लाकडाउन के कारण गरीब परिवार आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकार मई-जून दो माह का राशन दे रही है। इसे लेने राशन दुकानों में हितग्राहियों की भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को नियंत्रित करने राशन दुकानों में शारीरिक दूरी का पालन तक नहीं कराया जा रहा है। यही नहीं दुकानों के बाहर मार्किग तक नहीं की गई है। इसके चलते दुकानों में भी भीड़ जमा हो रही है। इस भीड़ में लोग लापरवाही भी कर रहे है। हितग्राहियों की यही लापरवाही चावल लेने की आड़ में राशन दुकानों पर कोरोना का संक्रमण परोस रही है।
दो माह का चावल लेने के लिए शहरी क्षेत्र ही नहीं गांवों के शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर भी भीड़ जुट रही है। गुरुवार को नईदुनिया ने शहर के कौरिनभाठा, जमात पारा, चिखली, नया ढाबा, डिलापहरी, सुंदरा, सोमनी व ईरा गांव के उचित मूल्य की दुकान का जायजा लिया, जिसमें लगभग सभी राशन दुकानों में हितग्राहियों की भीड़ लगी थी। शहर के चिखली स्थित राशन दुकान में जागरूक लोग दूरी बनाकर बाहर खड़े थे, वहीं कई हितग्राही भीड़ में घूसकर चावल लेने की होड़ कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग यही स्थिति दिखी। शहर से लगे ग्राम सुंदरा व सोमनी के राशन दुकान में भी हितग्राही कोरोना के संक्रमण को भूलकर भीड़ बनाकर खड़े थे। जबकि जिले में कोरोना का कहर जारी है।
लाकडाउन के शुरुआती दिनों में पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग हो रही थी। पुलिस लोगों को घरों में रहने की अपील कर रही थी। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पुलिस लोगों को समझाइश तक दी, लेकिन अब पुलिस ने भी लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। स्थिति यह है कि अब भीड़ होने या किसी तरह की लापरवाही की शिकायत मिलने पर ही पुलिस की टीम पहुंच रही है। जिला प्रशासन भी इस ओर अनदेखी कर रहा है। राशन दुकान के कर्मचारियों को निर्देशित कर व्यवस्था बनाई जा सकती है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते राशन दुकानों में चावल लेने पहुंच रहे हितग्राही कोरोना भी लेकर घर लौट रहे हैं।
शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए मार्केगिंग तक नहीं की गई है। यही कारण है कि दुकानों में हितग्राहियों की भीड़ जुट रही है। इस भीड़ से संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। कोरोना फैलने का डर इसलिए भी है क्योंकि दो माह का चावल लेने की होड़ में कई हितग्राही मुंह पर सही तरीके से मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। इसके चलते राशन दुकानों में कोरोना फैलने का डर बढ़ गया है। इसके बाद भी लोग शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर लापरवाही कर रहे हैं।
