कोरोना की दवाईयों के नाम पर ठगी का सिलसिला लगातार जारी है। उत्तर-पूर्वी जिला के नंद नगरी थाना पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो महज 50 रुपये के मोनोसेफ एंटी बायोटिक इंजेक्शन पर रेमडेसिविर का लेबल लगाकर उनकी कालाबाजारी कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मीत नगर निवासी अमित और अशोक नगर निवासी धनेश कुमार उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से दो नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन व कुछ लेबल बरामद किए हैं। दोनों धोखाधड़ी करने के अलावा मरीजों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे थे।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक नंद नगरी निवासी एक युवक ने थाने में शिकायत देकर कुछ लोगों के नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की सूचना दी थी। युवक ने पुलिस के साथ आरोपियों की फोटो भी शेयर की थी। सूचना के बाद फौरन एक टीम का गठन किया गया।
इसके बाद फोटो से एक आरोपी की पहचान अमित के रूप में हुई। अमित पहले जीटीबी अस्पताल में नौकरी करता था। जानकारी जुटाने के बाद सिपाही नितिन को नकली ग्राहक बनाकर अमित के पास भेजा गया। सिपाही ने यूपी में भर्ती मरीज की बात कर अमित से रेमडेसिविर की मांग की।
