राजनांदगांव. दूसरों की जिंदगी बचाने में समर्पित 108 एम्बुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) घनश्याम साहू आखिर अपनी ही जिंदगी की जंग हार गए। रायपुर के एक निजी अस्पताल में तीन दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
22 अक्टूबर की रात मानपुर अस्पताल से घायल मरीज को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मानपुर से कुछ ही दूरी पर 108 एम्बुलेस राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में चालक के बगल में बैठे ईएमटी घनश्याम साहू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल रायपुर रेफर किया गया था, जहां वे वेंटीलेटर पर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे।
मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. गिरीश खोब्रागढ़े ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 5 बजे घनश्याम साहू का निधन हो गया। मूल रूप से बालोद निवासी 45 वर्षीय साहू लगभग डेढ़ दशक से मानपुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सेवाएं दे रहा था। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भी जान जोखिम में डालकर जरूरतमंदों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पित घनश्याम साहू पत्नी और दो बच्चों को छोड़ इस दुनिया से विदा हो गए।
