राजनांदगाव।संस्कारधानी राजनांदगांव के जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में चातुर्मास हेतु विराजित गणाधीश प्रवर परम पूज्य विनय कुशल मुनि के सुशिष्य “परम पूज्य बालमुनि हंसभद्र मुनि जी”*द्वारा 2 नवम्बर 2025 को *छत्तीसगढ़ में प्रथम बार 13 वर्षीय जैन बाल मुनि द्वारा शतावधान प्रयोग किया जायेगा।
यहां उल्लेखनीय है कि प्राचीन काल में ऋषि मुनियों द्वारा की जाने वाली यह साधना जिसमें 100 अलग-अलग शब्दों (व्यक्ति ,स्थान ,वस्तु का नाम आदि) को क्रमानुसार स्मरण में रखना एवं उन्हें क्रम में या किसी भी क्रमांक के शब्दों/वस्तु को बताना होता था, इसे ही शतावधान प्रयोग कहा गया। यह प्रयोग प्रातः 8:30 बजे जैन बगीचा नए हाल में आयोजित है, जिसमें जैन संघ द्वारा 100 टोकन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके पास टोकन होंगे वह क्रमानुसार एक शब्द जिसमें व्यक्ति महापुरुष , तीर्थ, उपकरण, पशु या पक्षी अथवा वस्तु का नाम आदि श्रोता गुरु भगवंतों को बताएंगे। ऐसे 100 शब्द बालमुनि क्रमानुसार याद रखेंगे तत्पश्चात सभा में उपस्थित जनों द्वारा किसी भी क्रमांक को पूछा जाएगा एवं गुरु भगवंत उस क्रमांक के शब्द को क्रम में या उस क्रमांक की विषय वस्तु का उत्तर देंगे। इसका सीधा प्रसारण यूट्यूब पर लाइव होगा जिसकी लिंक *shataavdhaan in rajnandgaon के नाम से रहेगी। यह जानकारी सकल जैन संघ के अध्यक्ष मनोज बैद के हवाले से मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।
