राजनांदगांव शहर काग्रेंस कमेटी के महामंत्री एवं पूर्व पर्षाद हेमन्त ओस्तवाल ने एक पत्र जारी कर छ.ग. शासन के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी एवं स्वास्थ मंत्री श्री टी एस सी देव जी से यहा मांग की है कि राजनांदगांव जिले में स्थित सुन्दरा मल्टी स्पेशिलिटी हास्पिटल में रेमडेसिवीर इन्जेक्शन आदि को लेकर केन्द्र/राÓय शासन के निर्देशों के नियम विरूद्ध कार्य करने के मामले जो समाचार पत्रो में काग्रेंस पार्टी के डोगरगांव के विधायक श्री दलेŸवर साहू जी क ी शिकायत के बाद जिले के कलेक्टर ने जो जाँच का आदेश दिया है और उस आदेश के बाद जिन अधिकारियो की देख रेख में जाँच समिति के अधिकारियो के द्धारा जो जाँच से सम्बिंधित कई कार्यो का खुलासा आज के समाचार पत्रो में जो हुआ है उन समाचारो को पढऩे से ऐसा लगता है कि जिले के कलेक्टर व अन्य कई अधिकरी पूर्व मुख्यमंत्री डाँ. रमन सिंह के दबाव के चलते मामला रफा दफा होने की पूरी संभावना बनी हुई है? इसलिए श्री ओस्तवाल ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ मंत्री से इस सुन्दरा मल्टी स्पेशिलिटी हास्पिटल के मामले में शासन स्तर पर जाँच समिति गठित कर इस हास्पिटल की मान्यता सहित इंजेक्शन की आड़ में शासन के गाइड लाईन से हटकर मरीजो को लूटा गया है जिसकी जाँच करावाकर दोषियो के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। श्री ओस्तवाल ने भाजपा के वर्तमान जिला अध्यक्ष और पूर्व सासंद मधुसुदन यादव एक छिक भी यदि आती है तो उसकी सूचना डाँ.रमन सिंह को देते है? लेकिन इतना बड़ा भ्रष्टाचार का तंडाव नित्य दवाई के नाम पर नियम विरूद्ध कोरोना की इस वैशविक महामारी में जहाँ आम जनता को लूटा जा रहा है जिसकी शिकायत डोगरगांव के विधायक ने तो अपनी पूरी दबंगता ईमानदारी से निभायी है और राजनांदगांव शहर में कई निजी अस्पतालो एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में शासन के निर्धारित राशि के विरूद्ध जहाँ इस कोरोना टेशटिंग एवं इलाज के नाम पर जहाँ आम जनता को राहत देने के बजाय जो लूट मचा कर रखे है? जिनका आय दिन समाचार पत्रो में प्रकाशित हो रहा है उन समाचार पत्रो को संज्ञान में लेते हुए आम जनता के हित में ठोस कार्यवाही की तत्काल आवश्यकता है क्योकि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डाँ. रमन सिंह का राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र है और जिनके विधानसभा क्षेत्र में ख्रुले आम रेमडेसिवीर की सप्लाई करने वाले एवं इससे सम्बंधित जिले के विभाग प्रमुख अधिकारियो की सांठ-गांठ के चलते अधिक मुनाफा ले करके जो मामला समाचार पत्रो में प्रकाशित हो रहा है इस पूरे मामले को पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान राजनांदगांव शहर के विधायक डाँ. रमन सिंह के दबाव के चलते यह पूरा मामला दब सकता है? इसलिए सुन्दरा मल्टी स्पेशिलिटी हास्पिटल में जाँच समिति के अधिकारियो के द्धारा अनेक गंभीर गलतियो आदि के जो दस्तावेज जप्त किये गये है और उन समस्त दस्तावेजो को शासन अपनेकब्जे में लेकर पंचनामा तैयार कर इस पूरे मामले की एक एक बिन्दु वार यदि जाँच सही मायने में होगी तो इससे कई बड़े घोटाले आदि राजनांदगांव शहर के कई निजी कोरोना से सम्बिधित नर्सिग होमो के मामले सामने आयेगे? इसलिए आपसे अनुरोध है कि जाँच प्रतिवेदन रिपोर्ट के अनुसार सभी दोषियो के विरूद्ध एफ आई आर दर्ज होनी चाहिए और शासन के नियम विरूद्ध कार्य करने वाली निजी नर्सिग होमो आदि की मान्यता तत्काल रद्ध की जानी चाहिए।
