राजनांदगांव । कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। जिले में हमारे अग्रिम पंक्ति के कोरोना वारियर्स का वैक्सीनेशन हो चुका है। कोरोना की पहली लहर के बाद से ही हमारे कोरोना वारियर्स जनसामान्य की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने जब रफ्तार पकड़ी तब हमारे स्वास्थ्य कर्मी एवं अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं राजस्व, पुलिस, नगर निगम एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले योद्धाओं ने पुनः ड्यूटी की कमान संभाली। ड्यूटी के दौरान हमारे स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी तथा अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा दुबारा कोरोना संक्रमित हो रहे हैं लेकिन इस बार स्थितियां अलग हैं। वैक्सीनेशन से उन्हें सुरक्षा मिली है और कोविड-19 संक्रमण से जल्दी रिकवरी हो रही है। किसी तरह के गंभीर प्रकरण सामने नहीं आए हैं। जिले में अब तक 15 हजार 129 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज तथा 12 हजार 537 को दूसरा डोज लग चुका है। वहीं अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं में 11 हजार 426 को पहला डोज तथा 7 हजार 897 को दूसरा डोज लग चुका है।
जिले में कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पूरी टीम रात-दिन लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्धा विभिन्न मोर्चे पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 हास्पिटल, कोविड केयर सेंटर में इलाज के अलावा सैम्पलिंग, वैक्सीनेशन एवं अन्य सुविधाओं की भी दरकार है, जिसे उन्हें पूरा करना है।
वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने नागरिकों से टीकाकरण के लिए अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना से सुरक्षा के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं। यह वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच है। जिले में टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। टीकाकरण होने की स्थिति में कोरोना संक्रमित होने पर गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती है और जनसामान्य होम आइसोलेशन में ठीक हो जाते हैं।
गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई वैक्सीनेशन के कारण इजराईल में लोगों ने कोरोना को मात दी है और वहां जिंदगी की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई है। इसी तरह अमेरिका में वैक्सीनेशन से कोविड-19 के केस 80 प्रतिशत तक कम हुए है। स्पेन, फ्रांस और जर्मनी एवं ब्रिटेन में स्थिति में सुधार आया है। हमारे देश में वैक्सीनेशन से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की जानकारी के अनुसार लोग कम संक्रमित हो रहे हैं और कोविड संक्रमित होने पर शीघ्र स्वस्थ भी हो रहे हैं।
सकारात्मक विचारों और शरीर को मजबूत बनाकर कोरोना को दे सकते हैं मात : मनोज ठाकुर राजनांदगांव के बसंतपुर निवासी मनोज ठाकुर का कहना है कि सकारात्मक विचारों और शरीर को मजबूत बनाकर कोरोना को मात दे सकते हैं। मनोज ठाकुर जिम संचालक (ट्रेनर) है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन व्यायाम एवं खानपान आहार अच्छा होने की वजह से वे कोरोना की बीमारी से मुक्त हो पाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कोई धन नहीं है। अपने शरीर की सुरक्षा के लिए व्यायाम, योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें तथा अच्छा आहार लें, ताकि रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़े। शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त होने पर आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने बताया कि जिम ट्रेनर होने की वजह से वे मजबूत थे, लेकिन उनमें कोरोना के सारे लक्षण मौजूद थे। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर कमजोरी आई और निरंतर बुखार आने की वजह से बेड से नहीं उठ पा रहे थे। उन्होंने बताया कि आक्सीजन सेचुरेशन 85 से नीचे चला गया था। डेडिकेटेड कोविड-19 हॉस्पिटल पेण्ड्री में अच्छा इलाज मिला। इंजेक्शन और दवाइयां समय पर मिलने से राहत मिली और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। कोविड-19 हास्पिटल पेंड्री में भोजन की अच्छी व्यवस्था थी।
मनोज ठाकुर ने कहा कि ऐसे कठिन समय में सकारात्मकता रखना एक बहुत बड़ा कारक है। उन्हें अपनी मां एवं परिजनों तथा मित्रों से बहुत ढांढस और उम्मीद मिली। उन्होंने कहा कि हर किसी के जीवन में मन को संबल देने वाले ऐसे प्रेरक मित्र एवं परिजन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरोना एक अदृश्य वायरस है और शत्रु से लड़ने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। मास्क लगाने के साथ ही फिजिकल डिस्टेसिंग एवं अन्य प्रोटोकाल का पालन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आहार में प्रोटीन, खनिज एवं विटामिन प्रचुर मात्रा में होना चाहिए और अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
आंतरिक शक्ति का मजबूत होना जरूरी डोंगरगढ़ के 62 वर्ष शेख सईद कुरैशी कोरोना संक्रमित हुए और इसके बाद बाद निमोनिया की बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया था। उन्होंने बताया कि कोरोना से लडे के लिए आंतरिक शक्ति मजबूत होना बहुत जरूरी है। दृढ़ इच्छाशक्ति से ही इस बीमारी का सामना किया जा सकता है। श्री शेख सईद कुरैशी ने बताया कि वे लगभग एक सप्ताह से बीमार थे और वायरल फीवर समझ रहे थे। सिटी स्कैन कराने पर निमोनिया बढ़ा हुआ था और वे 12 अप्रैल को कोविड-19 ट्रीटमेंट हास्पिटल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी में एडमिट हुए थे। इलाज शुरू होते ही राहत मिली और आक्सीजन सेचुरेशन भी ठीक रहा। शेख सईद कुरैशी एवं उनके बेटे वसीम कुरैशी ने कहा कि हास्पिटल में इलाज उम्मीद से ज्यादा अच्छा था और वहां ड्यूटी पर उपस्थित डा. राहुल त्रिपाठी ने लगातार उनके इलाज के साथ ही उनके स्वास्थ्य के संबंध में पूरी जानकारी दी एवं उन्हें हौसला दिया। श्री शेख सईद कुरैशी ने डॉक्टर एवं वहां के स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में भोजन एवं अन्य व्यवस्था अच्छी थी।
