मृत्यु उपरांत नेत्रदान की मिसाल पेश की दवे परिवार ने
राजनांदगांव । महेंद्र दवे जी का आकस्मिक निधन 4 अक्टूबर को हो गया। दवे परिवार ने परोपकार की अदभुत मिसाल पेश करते हुए उनकी दोंनों आंखें दान कर दी । उनके इस महादान से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को दुनिया देखने का अवसर मिलेगा।
दवे परिवार की इस अनुकरणीय पहल की भावना को आगे बढ़ाते हुए, किशोक बैद वर्धमान नगर, ने तत्काल उदयाचल संस्था के अशोक मोदी से नेत्रदान के लिये संपर्क किया और सूचना मिलते ही उदयाचल की टीम ,जिसमें डॉ. नेहा सिंह और राजनारायण व्दिवेदी शामिल थे, ने त्वरित कार्रवाई की और मौके पर पंहुचकर उनके नेत्र दान की प्रकिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
दवे परिवार की यह पहल न सिर्फ सराहनीय है ,बल्कि समाज के लिए एक उदाहरण है। उदयाचल संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र बाफना ने नागरिकों से अपील की कि वे नेत्रदान के प्रति अपनी रूचि बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दुनिया देखने का अवसर मिलता है, इसलिए हम सभी को इस महादान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए ।






