राजनांदगांव।लाकडाउन में पुलिस की सख्ती उनके खिलाफ ही भारी पड़ती नजर आ रही है। शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस पर ही बेवजह मारपीट करने का आरोप लगा है।
इसकी शिकायत पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से की है। जिस पर एएसपी कविलाश टंडन ने बसंतपुर टीआइ के खिलाफ जांच के निर्देश भी दिए हैं। मामला लाकडाउन में चेकिंग पाइंट लगाकर मेडिकल अस्पतल जा रहे नंदई निवासी कुणाल सिन्हा से मारपीट का है। कुणाल ने बसंतपुर टीआई लोमेश सोनवानी पर बिना कारण मारपीट करने आरोप लगाया है। हालांकि टीआई सोनवानी ने इस आरोप को गलत बताया है। टीआइ ने कहा कि युवक पुलिस की जांच के दौरान रूतबे से बात कर रहा था। उसे गाड़ी से उतरकर कागज दिखाने कहा गया तो वो बाइक में बैठकर ही मोबाइल से कुछ दिखाने की कोशिश करने लगा, तभी उसका मोबाइल सड़क पर गिर गया। मैंने तो समझा कर उसे थाने से छोड़ दिया था।
मामला रविवार का है। जब नंदई निवासी कुणाल सिन्हा रोज की तरह अपने रिश्तेदार के लिए खाना लेकर बसंतपुर स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल जा रहा था। तभी नंदई चौक पर तैनात जवानों ने कुणाल को रोककर पूछताछ की। कुणाल ने कहा कि पुलिस ने अस्पताल के दस्तावेज मांगे, जिसे मैंने दिखाने की बात भी की। लेकिन वो नहीं मानें और टीआइ के पास भेज दिया। कुणाल ने आरोप लगाया कि टीआइ ने भी बिना सुने मारपीट शुरू कर दी और बाद में थाना ले गए। थाने में स्वजनों को बुलाकर मुझे छोड़ा गया। मारपीट से मेरे गाल और कान सूज गए हैं। आंख के पास भी चोट के निशान हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह बर्बरता गलत है। पुलिस की ऐसी सख्ती के चलते लाकडाउन में लोग अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए खाना छोड़ने भी नहीं जा पाएंगे। लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। पीड़ित युवक ने अस्पताल में भर्ती उनके रिश्तेदार के सभी दस्तावेजों के साथ टीआइ के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के नाम एएसपी कविलाश टंडन से शिकायत की है, जिस पर एएसपी ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इधर मामले में बसंतपुर टीआइ लोमेश सोनवानी ने कहा कि युवक ने गलत आरोप लगाया है। उससे किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की गई। पुलिस ने युवक को रोका जरूर था, जिस पर युवक बाइक में बैठे ही गलत तरीके से जवाब दे रहे थे। उसके रौब दिखाने पर ही धक्का-मुक्का हुई थी। युवक को थाना लाकर उनके स्वजनों के सामने समझा कर छोड़ दिया गया है।
