रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले में बुधवार को नई हलचल देखने को मिली। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी चैतन्य बघेल को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के प्रोडक्शन वारंट पर विशेष अदालत (ACB/EOW स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया। अदालत में पेश होते ही ईओडब्लू ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर रिमांड की मांग की।
ईडी और ईओडब्लू दोनों कर रहे जांच
चैतन्य बघेल पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में गिरफ्तार होकर जेल में बंद था। अब ईओडब्लू की गिरफ्तारी के बाद वह दोहरी जांच का सामना कर रहा है। दोनों एजेंसियां घोटाले में धन के प्रवाह और अधिकारियों-व्यापारियों की सांठगांठ की जांच कर रही हैं।
हाईकोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत अर्जी
ईओडब्लू की गिरफ्तारी से पहले ही चैतन्य बघेल ने 23 सितंबर को हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। हालांकि इस पर सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। इससे पहले भी उसकी जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वह निचली अदालत का दरवाजा खटखटाए।
पहले टल चुकी थी गिरफ्तारी
यह पहला मौका नहीं है जब ईओडब्लू ने चैतन्य को गिरफ्तार करने की कोशिश की हो। पिछली बार भी प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाए जाने के दौरान हाईकोर्ट के आदेश के चलते गिरफ्तारी टल गई थी। लेकिन इस बार परिस्थितियां बदल गई हैं और ईओडब्लू ने अदालत में रिमांड की मांग रख दी है।
बघेल की मुश्किलें बढ़ीं
सूत्रों का कहना है कि ईओडब्लू के पास घोटाले से जुड़े नए वित्तीय लेन-देन और सांठगांठ के सबूत हैं। माना जा रहा है कि बघेल से पूछताछ के बाद अन्य बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
