राजनांदगांव । पूरा भारत देश में कोरोना वायरस संक्रामक दिनों दिन बढ़ती जा रहे हैं, महाराष्ट्र राज्य में सबसे अधिक कोरोना वायरस संक्रामक पॉजिटिव मिल रहे हैं, उतना ही मृत्यु दर भी बढ़ रहे हैं, इसी प्रकार महाराष्ट्र राज्य के बाद छत्तीसगढ़ राज्य दूसरा स्थान पर है, कोरोना वायरस संक्रामक पॉजिटिव की संख्या व मृत्यु दर के संख्या बढ़ते चरण में है, लोगों को अब इतनी भय हो चुके हैं, अपने घर से दो कदम निकलने के लिए भी डर रहे हैं, ऐसी स्थिति हालातों में अखबार हाकरो अपनी जान हथेली में रखकर लोगों के घर घर जाकर अखबार वितरण कर रहे हैं, और वही अखबार के माध्यम से देश दुनिया राज्य में क्या हो रहा है, शासन प्रशासन कोरोना वायरस संक्रामक में कितना गंभीरता ले रहे हैं, और इलाज कर रहे हैं, यह अखबार के माध्यम से लोगों को पता चलता है, आज अखबार ही एक ऐसा माध्यम हो गया है, जो घर में रहकर अख़बार लेकर टाइमपास व समय बिताने का एक सहारा बन गया है, लेकिन शासन अखबार हाकरो को लॉकडाउन में छूट तो देना उचित समझ रहे हैं, लेकिन छूट के साथ अखबार हाकरों को भी शासन प्रशासन की तरफ से पूरी सुरक्षा उपकरण देना चाहिए । क्योंकि अखबार हाकरो लोग गरीब वर्ग के लोग ही जुड़े हुए हैं, और काम कर रहे हैं, कई ऐसे अखबार हांकर लोग हैं, जो मूल काम के बाद पार्ट टाइम अपने जेब खर्चे के लिए तथा कुछ अखबार वितरण के माध्यम से अपने घर की खर्चा परिवार चला रहे हैं, ऐसे विषम परिस्थितियों में अपनी जान को हथेली में रखकर घर घर अखबार पहुंचाना बहुत कठिनाई का सामना कर रहे हैं, इसलिए शासन प्रशासन को अखबार हाकरो के प्रति उसी समस्या पीड़ा को संज्ञान में लेते हुए कोरोना वायरस संक्रामक से बचने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से सेफ्टी सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा उपकरण प्रदाय करना चाहिए। क्योंकि कोरोना वायरस संक्रामक में अपना काम छोड़ देते हैं, तो ऐसे विषम हालातों में आम जनता भी घर में एक घुटन जीवन जीने को मजबूर हो जाएंगे । आज अखबार ही एक ऐसा माध्यम है, जो समय काटने के साथ देश दुनिया शहर गांव में क्या हो रहा है, और क्या नहीं हो रहा है, और क्या होना चाहिए और शासन-प्रशासन कोरोना वायरस संक्रामक जैसे अन्य बिंदुओं पर क्या कर रहे हैं, यह सब देखने व पढ़ने को मिलते हैं, इसलिए शासन प्रशासन को भी अखबार हाकरो की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए सेफ्टी सुरक्षा उपकरण दिया जाए उपरोक्त जानकारी के अनुसार शहर में ही 150 से 200 अखबार हांकर है, जो सुबह से अपने रोजी रोटी जीवन यापन के लिए कोरोना वायरस संक्रामक में भी बिना डर भय से घर – घर जाकर अखबार वितरण करके अपना जीवन चला रहे हैं, शासन प्रशासन भी अखबार हांकरो की पीड़ा समस्या को गंभीरता से समझते हुए खाद्य किट के साथ सेफ्टी सुरक्षा उपकरण दिया जाए।
