दीपक साखरे। डोंगरगढ़
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार डोंगरगढ़ में मेले का आयोजन नहीं होगा। मां बम्लेश्वरी के दर्शन पर भी प्रतिबंध रहेगा, लेकिन मंदिर समिति ने आनलाइन दर्शन की सुविधा प्रदान की है। यानी भक्त आनलाइन घर बैठे मां बम्लेश्वरी के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही ज्योति कलश राशि का भुगतान व दान आनलाइन कर सकेंगे। डोंगरगढ़ मेला रद होने के बाद स्थानीय दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदार इस बार मेले के आयोजन को लेकर बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हुए थे।
प्रशासन ने रेलवे को लिखा पत्र एसडीएम अविनाश भोई ने स्टेशन प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे डोंगरगढ़ को चैत्र नवरात्र 2021 के लिए अतिरिक्त कोच, अतिरिक्त स्टापेज या अतिरिक्त ट्रेन डोंगरगढ़ के लिए संचालित नहीं करने के लिए पत्र लिखा है। उल्लेखनीय है कि डोंगरगढ़ में 500 से अधिक कोरोना पाजिटिव मिल चुके हैं। चैत्र नवरात्र में मेला का आयोजन नहीं होगा और मा बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पट बंद रहेंगे। बता दें कि मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे। लेकिन बीते एक वर्ष से संक्रमण के चलते मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है।
इस तरह कर सकते हैं दर्शन कोरोनाकाल में मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति ने सुविधाओं का विस्तार किया है। धीरे-धीरे सारे सिस्टम को आनलाइन कर भक्तों को घर बैठे दर्शन की सुविधा दी। पिछले साल के चैत्र नवरात्र में ही यह व्यवस्था कर दी गई थी। आनलाइन गभर्गृह के दर्शन कराए गए थे। ज्योति कलश की आनलाइन बुकिंग भी की गई थी। इस बार भी घर बैठे बुकिंग कराने पर भक्तों के नाम की जोत जगमगाएंगी। श्रद्धालु पोर्टल बम्लेश्वरी डाट ओआरजी पर जाकर सारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। मां बम्लेश्वरी ऊपर व नीचे तथा शीतला मंदिर में ज्योति कलश प्रज्वलित कराने के लिए ट्रस्ट समिति ने भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की है। ट्रस्ट के मंत्री नवनीत तिवारी ने बताया कि ऊपर मंदिर में 1101 रुपये, नीचे मंदिर में 2100 रुपये व शीतला मंदिर में 1101 रुपये जमा कराकर भक्त चैत्र नवरात्र में ज्योति कलश प्रज्वलित करा सकते हैं। इसके अलावा अभिषेक व विशेष श्रृंगार के लिए भी सुविधा प्रारंभ की है।
13 अप्रैल से नवरात्र प्रारंभ चैत्र नवरात्र पर्व 13 से 21 अप्रैल तक मनाया जाएगा। 13 अप्रैल को तीनों मंदिरों में जोत प्रज्वलित की जाएंगी। मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्र की तैयारी में जुटी है। कलश को व्यवस्थित किया जा रहा है। इस बार ज्योति कलश को भी मंदिर के पुजारी प्रज्वलित कर सकेंगे।
