- कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 5 जगहों पर खोल रहे नए कोविड सेंटर, कलेक्टर ने भवन किया अधिग्रहित
- लॉकडाउन करने से वैक्सीनेशन का काम भी प्रभावित होगा, व्यापारी भी अभी कारोबार बंद करने के पक्ष में नहीं
दुर्ग और बेमेतरा में लाॅकडाउन के बाद शुक्रवार को राजधानी में दिनभर लाॅकडाउन की जमकर चर्चा रही। लेकिन प्रशासन की गुरुवार और शुक्रवार को मैराथन बैठकों में भी यह तय नहीं हो पाया कि लाॅकडाउन लगाया जाएगा या नहीं। वजह यह बताई जा रही है कि चैंबर और कैट समेत ज्यादातर व्यापारिक संगठन लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि राजधानी समेत जिले में दुकानें बंद होने का समय घटा सकते हैं, और जरूरत पड़ने पर शनिवार-रविवार को बंद भी कर सकते हैं, लेकिन लाॅकडाउन से कारोबार बेपटरी हो जाएगा। यही वजह है कि प्रशासन ने लाॅकडाउन के बारे में फैसला होने तक यहां वैक्सिनेशन रोजाना 20 से बजाय 40 हजार करने तथा 1200 बिस्तरों के साथ 5 नए कोविड सेंटर खोलने का फैसला किया है। कोविड सेंटर दो-तीन दिन में शुरू कर दिए जाएंगे। यही नहीं, कंटेनमेंट जोन में सख्ती भी बढ़ा दी गई है।
राजधानी में अभी रोजाना औसतन एक हजार से ज्यादा कोरोना मरीज मिल रहे हैं। अफसरों का कहना है कि टेस्टिंग का काम बेहद तेजी से हो रहा है इसलिए कोरोना मरीजों की भी पहचान हो रही है। जहां-जहां कोरोना मरीज ज्यादा मिले हैं, वहां कंटेनमेंट जोन बना दिए गए हैं। अभी तक 17 कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं। कलेक्टर को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले या उसके आसपास के लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर ने कई जगहों का निरीक्षण भी किया।
जांच के बाद ही तय किया गया है कि कंटेनमेंट जोन एरिया में सख्ती बढ़ाई जाएगी। वहां से कोई बाहर न निकल सके और न ही कोई अंदर जा सके इसके लिए पुलिस का पहरा बढ़ेगा। नियम नहीं मानने वाले लोगों के खिलाफ चेतावनी के बजाय सीधे एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं।
रोज 40 हजार टीके का लक्ष्य
राजधानी में अभी हर दिन औसतन 20 हजार लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने इसे दोगुना करने के लिए अफसरों से कहा है। टीका लगाने के लिए लोगों को जागरूक करने निगम की टीम अब वार्डों में भी जा रही है। शुक्रवार को कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ के साथ पुरैना, श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड, चंगोराभाठा तथा धरसींवा के बरौंदा में बनाए कोरोना टीकाकरण केंद्र की जांच की। कलेक्टर ने कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही लोगों को टीका लगाने के निर्देश दिए हैं। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने अफसरों को बताया है कि राजधानी के लिए पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं। रफ्तार बढ़ती है तो भी टीका की कमी नहीं होगी।
वैक्सीनेशन प्रभावित होगा इसलिए लाॅकडाउन गलत
आला अफसरों की बैठक में डॉक्टरों और विशेषज्ञों से मिली सलाह पर भी बात की गई। अफसरों ने बताया कि टोटल लॉकडाउन होने से वैक्सीनेशन का काम पीछे हो जाएगा। शहर बंद होगा तो टीका लगाने की प्रक्रिया भी रुकेगी। अभी कोरोना से निपटने के लिए सबसे बेहतर इलाज टीकाकरण ही है।
इसलिए लॉकडाउन के बजाय दूसरे विकल्पों पर जोर देना चाहिए। छत्तीसगढ़ चैंबर समेत दूसरे व्यापारिक संगठनों ने कहा कि अभी लॉकडाउन किया जाता है तो कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। ऐसे में जरूरत पड़ने पर बाजार बंद करने का समय और थोड़ा कम कर दिया जाएगा। हालांकि कुछ बड़े व्यापारिक संगठनों ने शनिवार-रविवार को टोटल लॉकडाउन करने का भी प्रस्ताव दिया है। कोरोना मरीजों की संख्या और बढ़ती है तो इस प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। नए कोविड सेंटर खोल रहे हैं। एहतियातन कंटेनमेंट जोन में सख्ती होगी। अगर संक्रमण बढ़ता है, तब दूसरे विकल्प पर काम करेंगे। – डॉ. एस भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर
कोरोना गाइडलाइन का व्यापारी सख्ती से पालन पालन करेंगे। प्रशासन को वैक्सीनेशन का काम तेज करना चाहिए। लॉकडाउन से कारोबार पटरी से उतर जाएगा। जरूरत पड़ने पर बाजारों का समय कर कर सकते हैं। -अमर पारवानी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ चैंबर
