राजनांदगांव । लगभग बंद हो चुकी बहुचर्चित शुभम हत्यांकाड की फाइल पिछले साल कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान दोबारा खोली गई और अब पड़ताल के परिणाम सामने हैं। वर्ष 2018 से पुलिस के लिए चुनौती बने बहुचर्चित शुभम नामदेव हत्याकांड के मामले को पुलिस ने तीन साल बाद सुलझा लिया। गौरीनगर निवासी नितिन लिंबु उर्फ मुंकू नेपाली (40), किलापारा निवासी दिनेश माहेश्वरी उर्फ गोलू मारवाड़ी (37) और सृष्टि कालोनी की मेघा तिवारी (24) को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी डी. श्रवण के मुताबिक शुभम की हत्या के मामले में पुलिस ने लगभग 300 से ज्यादा संदेहियों से पूछताछ की। करीब ढाई हजार से अधिक लोगों के मोबाइल फोन के काल डिटेल खंगाले गए।
हत्या की ये बताई वजह आरोपितों ने नार्को व ब्रेन मैपिंग टेस्ट में बताया कि शुभम और उसके पिता रावेंद्र नामदेव दुष्कर्मके मामले में जेल में थे। तब नितिन और दिनेश ने शुभम को जेल से बाहर निकालने के लिए उससे पांच लाख रुपये लिए थे। जब शुभम जमानत पर बाहर आ गया तो वह नितिन व दिनेश को दिए पांच लाख रुपेय वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाने लगा। इसके अलावा वह नितिन की महिला मित्र मेघा को मैसेज व फोन कर नजदीकी बढ़ाने की कोशिश भी करने लगा। इससे परेशान होकर तीनों ने शुभम की हत्या करने की साजिश रची थी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम 10 सितंबर 2018 की शाम को सात बजे के बीच शुभम अपने मनकी दीनदयाल कालोनी स्थित घर से कार लेकर निकला था। एक दिन पहले दिनेश ने वाट्सएप पर काल कर उसे पेंड्री में हाईवे स्थित पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां रुपये लौटाने के साथ मेघा तिवारी से मिलाने की बात कही थी। शुभम वहां 7ः30 बजे पहुंचा। नितिन, दिनेश और मेघा पहले से ही वहां मौजूद थे। शुभम को शराब पीने के बहाने मेघा ने अंधेरे में चलने को कहा। नितिन कार के पीछे बैठ गया। जैसे ही शुभम कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा, खुखरीनुमा धारदार हथियार से नितिन ने उसका गला रेत दिया। इसके बाद शुभम को अधमरा छोड़कर तीनों भाग गए थे। उसी हालत में शुभम कार चलाते हुए हाईवे किनारे स्थित थ्री स्टार होटल तक पहुंचा था, जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही शुभम की मौत हो गई।
