राजनांदगांव । कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम जागरूकता अभियान चला रही है। इंटरनेट मीडिया के अलावा बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रही है कि संक्रमण से किस तरह बचें। इसके बाद भी जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू हो गई है। हर रोज पाजिटिव मरीजों का आंकड़ा जिले में बढ़ रहा है। एक दिन पहले ही जिले में 447 नए संक्रमितों की पहचान हुई है। इस बढ़ते संक्रमण के बीच शहर में कोरोना प्रोटोकाल का किस तरह पालन हो रहा है, नईदुनिया की टीम ने शहर के बाजार में इसकी पड़ताल की। इसमें आम लोगों के साथ दुकानदारों की बेपरवाही साफ देखी गई। बाजार में भीड़ होने के बाद भी कई लोग बिना मास्क के नजर आए। कुछ लोग मास्क लगाए तो थे, लेकिन नाक और मुंह के नीचे। यही नहीं दुकानदार भी बिना मास्क के दिखे। शारीरिक दूरी का पालन भी बाजार में कहीं नहीं हो रहा है। व्यापारियों और आम लोगों की यही लापरवाही शहर में संक्रमण को बढ़ावा दे रही है। कलेक्टर टीके वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम व्यापारियों, सामाजिक संस्थान व आम लोगों से लगातार अपील कर रही है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रोटोकाल का पालन करें। हर ब्लॉक में जागरूकता अभियान भी चल रहा हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। कोरोना बचाव के लिए जारी प्रोटोकाल का अगर लोग गंभीरतापूर्वक पालन करें तो काफी हद तक संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
मिट गए शारीरिक दूरी के लिए बनाए गोल घेरे कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने में आम लोगों की सजगता भी नजर नहीं आ रही है। व्यापारी भी जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में कोरोना बेकाबू होकर तेजी से बढ़ रहा है। इसके बाद भी दुकानों में शारीरिक दूरी का पालन कराने दो फीट की दूरी में गोले नहीं बनाए गए हैं। टीम ने शहर के कंटेनमेंट जोन गुड़ाखू लाइन, कामठी लाइन, गंज लाइन, सिनेमा लाइन, मानव मंदिर चौक, जूनी हटरी व गोलबाजार समेत फौव्वारा रोड एरिया में पड़ताल की। इस दौरान कुछ दुकानों के सामने हल्के निशान दिखे, जिसे पिछले साल बनाया गया था। वर्तमान में इन घेरों को दोबारा मार्क नहीं किया गया है। शारीरिक दूरी तो दूर दुकानों में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था नहीं की गई है। इससे यह तो साफ है कि व्यापारी बेकाबू हो रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जागरूक नहीं है। गोलबाजार सब्जी मार्केट में तो हर विक्रेता प्रोटोकाल का उल्लंघन कर रहा है। बाजार में ज्यादातर विक्रेताओं ने मास्क नहीं लगाया था। यही नहीं पसरा के सामने ग्राहकों के लिए गोल घेरा भी नहीं बनाया है, जिससे ग्राहक शारीरिक दूरी का पालन कर सकें।
अफसरों को मानीटरिंग की जिम्मेदारी जिले के अलावा शहरी क्षेत्र में बेकाबू हो रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन ने अफसरों को जिम्मेदारी बांट दी है। शहर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर अफसरों की टीम शहर में मानीटरिंग भी कर रही है। दूसरी ओर नगर निगम ने भी टीम बनाई है। दोनों ही टीमें शहर के मार्केट व व्यापारिक क्षेत्रों की मानीटरिंग कर व्यापारियों समेत आम लोगों को कोरोना प्रोटोकाल के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मास्क लगाने के अलावा शारीरिक दूरी का पालन करने व हाथों को सैनिटाइजर कर खुद के साथ परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। बावजूद कई लोग कोरोना महामारी को लेकर जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं।
जानिए क्या कहते हैं दुकानदार और आम लोग दुर्गा चौक स्थित चंचल किराना दुकान के संचालक गिरीश शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हर वर्ग के लोगों को सजगता दिखानी पड़ेगी। तभी संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाली जगहों में जाने से बचने के साथ शारीरिक दूरी का पालन करना बेहद जरूरी है। इन निर्देशों का पालन करने से भी हम कोरोना के फैलाव को कम कर सकते हैं। गांधी चौक स्थित मोक्ष जिंस कार्नर के संचालक गौरव तिवारी ने कहा कि हमारी सुरक्षा हमारे हाथ में है। इसलिए शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी लोगों को दिशा-निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। तभी कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं। इसके लिए हर वर्ग के लोगों को जागरूकता दिखानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि लगातार हम अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद भी कई लोग लक्षण को छिपाकर संक्रमण को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ दफ्तर में कोरोना की दस्तक जिला अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। कार्यालय में पदस्थ एक कर्मी पाजिटिव मिला है, वहीं उसके संपर्क में आए दो से तीन कर्मचारी होम आइसोलेट में चले गए हैं। कार्यालय में कोरोना संक्रमण पहुंचने के बाद कर्मचारियों की धड़कन भी तेज हो गई है। गंभीर बात तो यह है कि दफ्तर में कोरोना संक्रमण की दस्तक कर्मचारियों की ही लापरवाही ने दी है। बीते 24 मार्च के अंक में नईदुनिया ने कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें यह भी बताया था कि लाइसेंस के लिए काउंटर में लग रही भीड़ ही कोरोना बढ़ाएगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों के साथ प्रशासन को भी अवगत कराया था कि शासकीय विभागों में भी शारीरिक दूरी का पालन करें। लेकिन आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों ने ही कोरोना बचाव के लिए जारी प्रोटोकाल का उल्लंघन कर संक्रमण को बुलाया है। एक दिन पहले ही विभाग के एक कर्मचारी की कोरोना जांच रिपोर्ट पाजिटिव आयी है। इसके बाद उसके संपर्क में दो से तीन कर्मचारी होम आइसोलेट हो गए हैं। इसका असर विभागीय काम-काज पर भी दिखने लगा है। हालांकि नईदुनिया की खबर के बाद विभाग में शारीरिक दूरी का पालन कराने दो फीट की दूरी पर घेरा किया है। वहीं लोगों को भी शारीरिक दूरी का पालन करने की समझाइश दे रहे हैं।
