- 24 घंटे में 220 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत, प्लांट से केवल 175 सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार हो रहा
कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही अब पेंड्री स्थित कोविड हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। दो माह से इस अस्पताल में गिनती के बेड में ही मरीज भर्ती हो रहे थे पर मार्च माह में संक्रमण ने ऐसा कहर बरपा है कि 252 बेड में से 117 बेड में मरीज हैं और 135 बेड ही रिक्त हैं। महज 20 से 25 दिन के भीतर ही मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल प्रबंधन अलर्ट हो गया है। इसके साथ ही ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ गई है। 24 घंटे के भीतर 220 ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ रही है जबकि प्लांट में 24 घंटे के भीतर केवल 175 सिलेंडर के लायक ही ऑक्सीजन तैयार हो पा रहा है। इसलिए मैनुअल तरीके से सिलेंडर को सेट कर दिया गया है। ऑटोमेटिक तरीके से सिलेंडर का गैस सेंट्रल सिस्टम के माध्यम से बेड तक पहुंच रहा है।
अब प्रबंधन को क्षमता का पता चला
कोविड-19 हॉस्पिटल के आईसीयू और आईसीयू-2 में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या बनी हुई है। इसलिए इन्हें 24 घंटे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। गुरुवार को प्लांट से केवल 175 सिलेंडर के लायक ऑक्सीजन तैयार हुआ। इसके बाद अतिरिक्त सिलेंडर की जरूरत पड़ गई। इस तरह अब प्रबंधन को पता चल गया है कि प्लांट में कितनी क्षमता है।
कोई दिक्कत नहीं, 24 घंटे नजर रखेंगे
प्रबंधन की ओर से प्लांट में पहले से ही ऑटोमेटिक सिस्टम के तहत सिलेंडर लगाए गए हैं। इसलिए ज्यादा कोई दिक्कत नहीं हुई है पर प्लांट के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है वे 24 घंटे प्लांट में नजर रखेंगे ताकि ऑक्सीजन खत्म होने पर बीप की आवाज आते ही मैनुअल सिस्टम से सप्लाई हो रही है या नहीं, यह चेक करना है। सिस्टम में कोई खराबी आने पर तत्काल सुधार करना है।
अभी और बढ़ेंगे मरीज
संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की ओर से आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली गई है। रोस्टर के अनुसार डॉक्टर, नर्सेस, वार्ड ब्वॉय, आया, सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि रोज 5 से 6 मरीज यहां भर्ती हो रहे हैं।
फूड एंड सेफ्टी विभाग अलर्ट
प्लांट में ऑक्सीजन कितना तैयार हो रहा है या फिर सिलेंडर की कितनी खपत हो रही है? यह जानने के लिए फूड एंड सेफ्टी विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है जो कि 24 घंटे के भीतर इसका अपडेट लेते रहते हैं। अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक ने बताया कि पूरे स्टॉफ को अलर्ट कर दिया गया है। डॉक्टर भी अलर्ट हैं। यहां कोई समस्या नहीं है।
