उदयपुर, ग्राम उदयपुर स्थित कांजी हाउस की हालत दयनीय हो चुकी है। भारी बारिश और बदइंतजामी के चलते पिछले दिनों तीन गायों की मौत हो गई है। यहां गायें कीचड़ और गंदगी में फंसी हुई हैंए बैठने तक की जगह नहीं है। जहां 20.25 गायों को रखने की जगह हैए वहां 100 से अधिक गायें रखी गई हैं। ना चारा हैए ना शेडए ना समतल जमीन। थककर बैठने वाली गायें अक्सर दूसरी गायों के पैरों तले दबकर दम तोड़ देती हैं।
पिछले एक माह से ग्राम सुरक्षा समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें तक नहीं की गई। न तो गायों की चराई का इंतजाम हुआए न ही ग्रामीण विषयों पर चर्चा। गायों की मौत पर जिम्मेदार ग्रामीण पूरी तरह मौन हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गायों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। जब तक गाय मरकर सड़ने न लगेए तब तक जिम्मेदार सुध नहीं लेते। ग्रामवासियों के मुताबिक वे खुद फसल रखवाली करने पाली लगाकर गायों को चराने तक ले जाते हैंए लेकिन कांजी हाउस में लाने के बाद ना चाराए ना शेडए ना समतल जगह उपलब्ध कराई जाती है। फिलहाल जिले में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। ऐसे में अगर कांजी हाउस की स्थिति पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो महामारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
पूर्ववर्ती सरकार ने गौठान योजना लागू की थीरू गुलशन खैरागढ़.छुईखदान.गंडई जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुलशन तिवारी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने गायों की सुरक्षा व सेवा के लिए गौठान योजना लागू की थीए लेकिन भाजपा सरकार आते ही इस योजना को ठप कर दिया गया। नतीजा आज सामने हैए भाजपा सरकार गायों को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल है
