गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करना अच्छा नहीं माना जाता, श्रीकृष्ण पर भी लगा था चतुर्थी का चांद देखने के बाद कलंक, देख लिया तो जानें इससे कैसे बचना है. गणेश चतुर्थी का त्योहार साल 2025 में 27 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रमा को देखना वर्जित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने पर कलंक लगता यानि आपकी मानहानि होती है। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने भी एक बार भाद्रपद चतुर्थी का चांद देख लिया था जिसकी वजह से उनपर स्यमंतक मणि चुराने का आरोप लग गया था। चतुर्थी के चांद देखने से जब भगवान पर कलंक लग सकता है तो आम लोगों को भी इसकी वजह से मानहानि का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि अगर आप गलती से चतुर्थी का चांद देख लें तो आपको क्या करना चाहिए जिससे आप कलंक से बच सकते हैं। आईये जानते है सम्पूर्ण जानकारी।
यह भी पढ़े: 24 August 2025 Rashifal: मेष से मीन तक सभी राशियों के…
What to do if you see the moon on Chaturthi? चतुर्थी का चांद दिख जाए तो क्या करें?
1.अगर आप गणेश चतुर्थी के दिन गलती से चांद के दर्शन कर लें तो आपको नीचे दिए गए उपाय करने चाहिए।
चंद्रमा को देखने के बाद नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से कलंक दोष से आप बचेंगे।
मंत्र- ‘सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमंतकः।’
माना जाता है कि इस मंत्र का जप भगवान कृष्ण के द्वारा तब किया गया था जब उनपर स्यमंतक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। इस मंत्र के प्रभाव से वो कलंक से मुक्ति मिलती है।
2. गणेश चतुर्थी पर चांद को देखने के बाद कलंक से मुक्ति के लिए आप गणेश जी की विधिवत पूजा भी कर सकते हैं। ऐसा करने से भी कलंक नहीं लगता। आपको गणेश जी की पूजा में मोदक, दुर्वा आदि अर्पित करना चाहिए और इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जप करना चाहिए। गणेश जी के मंत्र ‘ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्’ का आप जप कर सकते हैं या फिर गणेश गायत्री मंत्र जप सकते हैं। इससे किसी भी तरह का गलत आरोप आप पर नहीं लगता। चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करने के बाद आपको गणेश जी से क्षमा याचना भी करनी चाहिए।
यह भी पढ़े: IOCL में अप्रेंटिस भर्ती 2025: 405 पदों पर मौका, जानें आवेदन…
mythology पौराणिक कथा
पौराणिक कथा एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार गणेश जी अपने वाहन मूषक में बैठकर कहीं जा रहे थे। सफर के दौरान मूषकराज की टक्कर किसी चीज से हुई और भगवान गणेश संतुलन खो बैठे और गिर पड़े। यह सब होते चंद्रमा देख रहे थे और वो गणेश जी पर हंसने लगे। यह देखकर गणेश जी ने चंद्रमा को श्राप दिया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर चंद्रमा को जो देखेगा उसे कलंक का सामना करना पड़ेगा। वहीं कुछ ग्रंथों में यह भी वर्णित है कि चंद्रमा ने गणेश जी की सूंड और उनके रूप का मजाक उड़ाया था इसलिए गणेश जी ने उन्हें श्राप दिया।
नोट: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हम किसी भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।


