कोटमीसोनार: घर में घुसा 4 फीट का मगरमच्छ, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला हादसा जांजजीर-चांपा जिले के कोटमीसोनार गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुलदीप सिंह के घर में अचानक चार फीट लंबा मगरमच्छ घुस आया। परिवार के लोग घबराकर इधर-उधर भागे, लेकिन गांव के युवाओं की मदद से समय रहते मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। बाद में उसे सुरक्षित तरीके से क्रोकोडायल पार्क में छोड़ा गया। राहत की बात यह रही कि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
यह भी पढ़े: Online Gaming Bill 2025: लोकसभा में पारित हुआ ऑनलाइन मनी गेम्स…
बरसात में बढ़ रहा खतरा
कोटमीसोनार गांव का नाम अक्सर इस वजह से सुर्खियों में रहता है क्योंकि यहां के तालाबों और बांधों से मगरमच्छ अक्सर गांव की गलियों और खेतों तक पहुंच जाते हैं। खासतौर पर बरसात के मौसम में पानी भरने के कारण ये घटनाएं और भी बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बाद भी वन विभाग लापरवाह रवैया अपनाता है और समय पर रेस्क्यू की कार्रवाई नहीं करता। इससे गांव वालों की चिंता और खतरा दोनों बढ़ जाता है।
यह भी पढ़े: Army Recruitment 2025: मेडिकल फील्ड के युवाओं के लिए सुनहरा मौका…
प्रदेश का इकलौता क्रोकोडायल पार्क
गांव में प्रदेश का एकमात्र क्रोकोडायल पार्क है, जो करीब 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां लगभग 400 से ज्यादा मगरमच्छ मौजूद हैं। पार्क को तारबंदी से घेरा गया है ताकि बड़े मगरमच्छ बाहर न निकल सकें, लेकिन छोटे मगरमच्छ अक्सर बाहर आ जाते हैं। इसके अलावा गांव के अलग-अलग तालाबों – जगात तालाब, उपरोहित तालाब, सोढिया डबरी, दर्री तालाब और कर्रानाला बांध – में भी बड़ी संख्या में मगरमच्छ पाए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हें भी पकड़कर पार्क में शिफ्ट किया जाना चाहिए, ताकि गांव में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।





