कलेक्टर ने बैठक में दी जानकारी
उत्तर बस्तर कांकेर , भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा गत 10 जुलाई को आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत अनुसूचित जनजातियों के विकास एवं कल्याण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने समय-सीमा बैठक के दौरान आदि कर्मयोगी अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि उक्त अभियान के तहत आदिवासी विकास एवं उत्थान से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को इसमें समेकित किया गया है, जिसके अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जया मनु ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान कैडर आधारित मॉडल एवं अंतरविभागीय अभिसरण पर आधारित है, जो कि आदिवासी क्षेत्र में अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु लक्षित है। उन्होंने बताया कि जिले के ग्रामों में विभिन्न योजनाओं जैसे- धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन के तहत आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि के क्रियान्वयन, उपलब्धता एवं संतृप्तिकरण हेतु ग्राम स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही इसमें अंतरविभागीय योजनाओं को भी शामिल कर क्रिटिकल गैप को चिन्हांकित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके तहत जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय ट्रेनर्स नियुक्त किए जाएंगे, जिसमें क्षेत्रीय भाषा एवं स्थानीय बोली को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही आदिवासी कल्याण एवं उत्थान हेतु कार्यरत संस्था, संगठन, रेडक्रॉस सोसायटी आदि को भी सम्मिलित किया जाएगा। कलेक्टर ने अभियान को जनभागीदारी आधारित एवं ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बताते हुए सभी विभागों को इसे सफल बनाने हेतु समन्वयपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए।
