Shani Sadesati 2025: इस राशि पर शुरू होगा शनि साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण, इन उपायों से मिलेगी राहत, जानिए सम्पूर्ण जानकारी शनि साढ़े साती के तीन चरण होते हैं और हर चरण की समय अवधि ढाई साल की होती है। इस समय मेष राशि वालों पर इसका पहला चरण, मीन वालों पर दूसरा तो कुंभ वालों पर इसका तीसरा चरण चल रहा है। ज्योतिष अनुसार साढ़ेसाती के प्रथम चरण में शनि जातक के मस्तक पर रहता है जिससे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो वहीं दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। जबकि तीसरे चरण में वाद-विवाद से बचने की जरूरत होती है। चलिए जानते हैं आने वाले समय में किस राशि पर साढ़े साती का सबसे कष्टदायी चरण शुरू होने वाला है। आईये जानते है इसके बारे में सम्पूर्ण जानकरी।
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The most difficult phase of Shani Sadesati will begin on this zodiac sign
इस राशि पर शुरू होगा शनि साढ़ेसाती का सबसे मुश्किल चरण शनि 3 जून 2027 में जैसे ही मेष राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही इस राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण शुरू हो जाएगा। वहीं मीन राशि पर इसका आखिरी चरण तो वृषभ राशि वालों पर इसके प्रथम चरण की शुरुआत होगी।
Why is the second phase of Shani Sadesati considered the most painful?
शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण क्यों माना जाता है सबसे कष्टदायी? शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टदायी इसलिए माना जाता है क्योंकि इस चरण में साढ़े साती अपनी चरम सीमा पर होती है। जिस वजह से इस दौरान व्यक्ति को व्यवसायिक तथा पारिवारिक जीवन में उतार-चढाव का सामना करना पड़ता है। इस अवधि में रिश्तेदारों से कष्ट प्राप्त होते है। धन-संपति से जुड़े मामले में नुकसान की संभावना रहती है। मित्रों का सहयोग कम मिल पाता है और व्यक्ति आर्थिक परेशानियां से भी घिरा रहता है।
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Remedies to avoid Sadesati साढ़ेसाती से बचने के उपाय
- साढ़े साती के दौरान प्रत्येक शनिवार को भगवान शनि की पूजा करनी चाहिए।
- ज्योतिषीय सलाह लेने के बाद नीलम जैसे रत्न पहन सकते हैं।
- शनिवार के दिन शनि चालीसा के साथ हनुमान चालीसा का भी पाठ करना चाहिए।
- अपने दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली में लोहे की अंगूठी पहनें जो घोड़े की नाल से बनी होनी चाहिए।
- जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र आदि दें।
नोट: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हम एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देते है।
