PM Viksit Bharat Rojgar Yojana 2025: प्रधानमंत्री मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवाओं को बड़ी सौगात दी, जान लीजिए विकसित भारत रोजगार योजना का ये नियम पीएम मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ”प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” लागू करने का ऐलान कर दिया है. जिसके अंतर्गत पहली नौकरी लगने पर युवाओं को 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे. इस योजना के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे लगभग 3.5 करोड़ युवाओं को लाभ होगा. यही नहीं इस योजना के तहत नई नौकरियां देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. आपको बता दें कि यह योजना दो भागों में बांटा गई है- भाग ‘क’ और भाग ‘ख’. भाग ‘क’ पहली बार नौकरी करने वालों पर केंद्रित है और भाग ‘ख’ नियोक्ताओं यानी नौकरी देने वाली कंपनी पर केंद्रित है.
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भाग ‘क’ नियम Part ‘A’ Rules
भाग ‘क’ के तहत, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीकृत पहली बार नौकरी करने वालों को दो किस्तों में अधिकतम 15,000 रुपये दिया जाएगा. यह पैसे उन्हें ही दिया जाएगा जिन कर्मचारियों की सैलरी अधिकतम एक लाख रुपये है, वे ही इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. यानी जिन लोगों की सैलरी 50,000 होगी उन्हें प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का फायदा नहीं मिलेगा. आपको बता दें कि पहली किस्त छह महीने की नौकरी पूरी होने पर और दूसरी 12 महीने की नौकरी पूरी होने पर दी जाएगी. वहीं, इस योजना का लाभ वही, उठा सकेंगे जिनकी पहली नौकरी 01 अगस्त, 2025 और 31 जुलाई, 2027 के बीच लगेगी.
भाग ‘ख’ का नियम Rule of Part ‘B’
भाग ‘ख’ की बात करें तो, इस योजना के तहत नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए जिनका वेतन अधिकतम एक लाख रुपये हो और जिसने कम से कम छह महीने तक निरंतर नौकरी की हो, दो साल तक प्रति माह तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए यह राशि तीसरे और चौथे साल भी दी जाएगी.
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कब मिली ”प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” को मंजूरी When got “Prime Minister Developed India Employment Scheme” approved
विदित हो कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 01 जुलाई, 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को मंजूरी दी थी. इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां तैयार करना है. जिनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार नौकरी पाने वाले होंगे.
