अंबागढ़ चौकी । वैक्सीन नहीं तो पेंशन नहीं की मुनादी ने बुजुर्गों की नींद उड़ा दी है। मुनादी होते ही लाताकोडो ग्राम पंचायत के अपात्र ग्रामीण भी वैक्सीन लगवाने के लिए पिकअप वाहन में बैठकर ब्लाक मुख्यालय पहुंच गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे इन ग्रामीणों को यह भी जानकारी नहीं थी की वैक्सीन 60 वर्ष या उससे से अधिक आयु के लोगों को और गंभीर बीमारी से पीडित 45 से 60 वर्ष के मध्य आयु के वयक्तियों को लगाई जा रही है। इन ग्रामीणों को अंबागढ चौकी तक पहुंचाने वाले जिम्मेदार पंचायत पदाधिकारियों ने इस बात का भी ध्यान नहीं रखा की कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए शारीरिक दूरी का पालन किया जाना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियो को मालवाहक में ठूंस-ठूंस कर ऐसा भर दिया गया कि वे इंसान नहीं बल्कि बोरियों भरी कोई सामग्री हो। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल हुए तो भीड़ को देखकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हडकंप मच गया।
10 फीसद ही पाए गए पात्रः गांव से पहुंचे 50 से अधिक महिला-पुरुषों में सिर्फ 10 फीसद लोग ही वैक्सीन लगाने के पात्र पाए गए। शेष को बिना वैक्सीनेशन के गांव बैंरग लौटना पडा। लाताकोडो की 40 से 45 वर्ष की अंकलहीन साहू, रेखाबाई जनबंधु, शैलेन्द्री ने बताया कि गांव में मुनादी हुई थी कि पेंशनधारियों को वैक्सीन लगाना अनिवार्य है, नहीं तो पेंशन बंद हो जाएगी। इसलिए वे सभी वैक्सीन लगवाने के लिए चौकी आ गए। वैक्सीन नहीं लगने पर वे पंचायत विभाग के पदाधिकारियों को कोसते नजर आए कि उनका कामकाज बेकार हो गया।
जिम्मेदार अधिकारी ने ये कहा जनपद पंचायत के सीईओ बीएल देहारी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को टीका नहीं लगवाने पर पेंशन बंद करने का कोई निर्देश नहीं है। यदि किसी पंचायत में ऐसी मुनादी कराई गई है या चेतावनी दी गई तो शिकायत आने पर जांच व कार्रवाई की जाएगी।
