विधानसभा चुनाव 2022 में भले ही वक्त कम बचा हो लेकिन तीरथ सिंह रावत के मंत्रियों का हौसला और जज्बा बुलंद है। सभी मंत्रियों ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अपनी प्राथमिकताएं बताईं। सरकार में जो नए मंत्री बने हैं, उनके भीतर जनता की सेवा का नया जज्बा नजर आया तो पुराने मंत्रियों का कहना है कि वह और बेहतर तरीके से जनता के लिए काम करेंगे।
किस मंत्री ने क्या बोला
सबसे पहले मैं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं। सहकारिता में हमने अभी तक पांच लाख ऋण बांटे हैं। अब हम प्रदेश के 20 हजार महिला समूहों को ऋण उपलब्ध कराएंगे। एनपीए का 150 करोड़ वसूल कर लिया है, जिसका लक्ष्य 300 करोड़ रखा गया है। सहकारी बैंकों को राष्ट्रीय बैंकों की बराबरी में लाएंगे। हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज, गुणवत्ता परक शिक्षा पर काम जारी रहेगा। आपदा प्रबंधन के लिए हम विशेषकर हिमालयी राज्यों का अध्ययन करने के बाद सुरक्षा उपाय करेंगे।
- डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
अब सरकार ने दोबारा जो जिम्मेदारी दी है, उसक तहत पूर्व के विभाग ही हैं। पिछले चार सालों में हमने कृषि क्षेत्रों में 100 से अधिक निर्णय लिए हैं। इनमें से अधिकतम योजनाओं को हमने धरातल पर उतारने का काम किया है। हमारा प्रयास है कि एक साल में हम शहद और बागवानी विकास पर काम करेंगे। प्रदेश के किसानों को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।
-सुबोध उनियाल, कृषि मंत्री
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में जो पूर्व में जिम्मेदारियां थीं, वही दी गई हैं। प्रदेश में तीर्थाटन और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि साहसिक पर्यटन में भी उत्तराखंड की एक अलग पहचान बने।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जो भी जिम्मेदारी दी है, उसके लिए आभार। चार साल में जिन विभागों में काम किया है, उनमें और बेहतर करेंगे। दुग्ध विकास विभाग की नई जिम्मेदारी मिली है, उस दिशा में सुधार किया जाएगा। सीएम, जनता और कार्यकर्ताओं के मुख्यमंत्री हैं। एक साल के भीतर बदलाव जरूर देखने को मिलेंगे।
-रेखा आर्य, महिला सशक्तिकरण मंत्री
