पाकबड़ा थाने में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ दर्ज केस की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद अब पुलिस ने पहले केस के वादी और दो मीडिया कर्मियों को बयान दर्ज कराने थाने बुलाया है। पुलिस की ओर से मीडिया कर्मियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए हैं।
पाकबड़ा के एक होटल में ग्यारह मार्च को आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा, धक्कामुक्की और मारपीट हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज की थी। पहला केस आईपीएए (इंडियन प्रेस अलाइवनेस एसोसिएशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश पाराशर ने दर्ज कराया था।
इसमें यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीस अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पर पत्रकारों को बंधक बनवाकर पिटवाने का आरोप है, जबकि दूसरा केस सपा जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने दर्ज कराया है। जिसमें मीडिया कर्मी फरीद शम्सी और उवैदुरर्हमान को नामजद किया गया है। मंगलवार को पुलिस की ओर से पहले केस के वादी और दो मीडिया कर्मियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
विवेचक ने मीडिया कर्मियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए हैं। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि जब दोनों पक्षों की ओर से नोटिस चस्पा किए गए हैं तो दूसरे पक्ष को भी बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाए। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि दोनों केसों की जांच जारी है। बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
