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राजनांदगांव : ऑपरेशन मुस्कान, सुरक्षा का असली वचन

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– जब गुम हुए बच्चे मिले तो इंतजार थमा… आंसू थमे..
– ऑपरेशन मुस्कान ने कई चेहरों पर लौटाई मुस्कान

राजनांदगांव। जब कोई अपना खो जाए तो उसकी वेदना परिवार को अंदर तक झकझोर देती है। कहीं गुम हो जाने वाले बच्चे या व्यक्ति वर्षों तक भटकते रहते हैं। जिसकी टीस उनके परिवारजनों को विचलित कर देती है और वे हर किसी से अपने बच्चे के बारे में सुधि लेने की कोशिश करते हैं। जेहन में यह खयाल कि हमारा बच्चा किस हाल में होगा। पुलिस प्रशासन ने ऐसे ही प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए एक मिसाल प्रस्तुत की है और ऑपरेशन मुस्कान तथा ऑपरेशन तलाश एक जरिया बनी है, ऐसे परिवारजनों से उनके बिछड़े और गुम हो गए बच्चे एवं प्रियजनों को मिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन में ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश के माध्यम से बेहतरीन कार्य किया गया है और उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए शिद्दत से कोशिश की गई है।

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जिसका सुखद परिणाम यह है कि अब तक 23 बालक एवं बालिकाएं तथा ऑपरेशन तलाश अंतर्गत 112 महिला एवं पुरूष अपने घर-परिवार के पास वापस लौट गए है और उनके चेहरे पर यह मुस्कान सुकून देने वाली है।
पुलिस विभाग में आपसी समन्वय, लगातार तफ्तीश के माध्यम से मिशन मोड में कार्य किया गया है। जिससे यह मुश्किल कार्य संभव बना। इस कार्य के लिए राजनांदगांव पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में पहुंचकर गुमशुदा बच्चों एवं व्यक्तियों को बरामद किया गया है। ऑपरेशन मुस्कान द्वारा बच्चों को अपनों से मिलाकर सुरक्षा का असली वचन निभाते हुए पुलिस विभाग द्वारा अपना दायित्व निभाया गया।

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गुमशुदा बच्चों एवं व्यक्तियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे उनके परिवार में खुशी का महौल है। उनके परिजनों द्वारा राजनांदगांव पुलिस को धन्यवाद व्यक्त करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित किया गया है। राजनांदगांव जिले में पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक, एसडीओपी डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम, एसडीओपी डोंगरगांव दिलीप सिसोदिया के पर्यवेक्षण पर जिले के समस्त थाना व चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में गुम इंसान के मामलों में निरंतर कार्य किया गया।

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