राजनांदगांव : कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को दी गई मौसम आधारित कृषि सलाह
राजनांदगांव। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा जिले के किसानों को फसल सुरक्षा के संबंध में आवश्यक सलाह दी गई है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए किसान खड़ी फसल की सुरक्षा करने हेतु आवश्यक उपायों को अपनाकर नुकसान से बचा जा सकता है।
धान फसल की 20-25 दिनों की अवस्था हो चुकी है। धान फसल में शीथ ब्लाइट रोग के लक्षण दिखाई देने पर हेक्साकोनाजोल नामक कवकनाशी दवा 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें एवं सोयाबीन फसल वृद्धिकाल अवस्था में है। सोयाबीन फसल में संकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण हेतु बुआई के 18-20 दिनों तक आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी इमेजाथाईपर 10 प्रतिशत एसएल (परसूट एवं अन्य समान उत्पाद) 750 मिली प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।
पशुपालक पशुओं को गिले एवं पानी भरे स्थानों पर नहीं चराएं। पशुओं को गलघोटू एवं लंगड़ा बुखार बीमारी से बचाव के टीके अवश्यक लगवाएं। अधिक दूध उत्पादन के लिए दुधारू पशुओं को 25-30 किलो हरा चारा प्रतिदिन खिलाएं। हरे चारे एवं सूखे चारे का अनुपात 3 अनुपात 1 रखें तथा मवेशियों को 25-30 ग्राम मिनरल मिक्सचर प्रतिदिन चारे के साथ मिलाकर अवश्य खिलाएं। पशुओं को वर्षा जनित रोगों से बचाव हेतु परजीवी व कृमि नाशक घोल या दवा दें। मुर्गियों को रानीखेत बीमारी से बचाने के लिए पहला टीका एफ-1 सात दिनों के अन्दर एवं दूसरा टीका आर2बी आठ सफ्ताह की उम्र में लगवाएं।
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