RBI Monetary Policy:आपको यह जानकारी के लिए बता देते हैं कि रिजर्व बैंक ने 6 अगस्त को रेपो रेट को 5.5% तक स्थिर रखने का फैसला ले लिया है जी हां बताया जा रहा है कि गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद में यहां फैसला दिया गया काम महंगाई और वैश्वीकरण को देखते हुए और पदम को उठाया गया है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर टैरिफ बढ़ाने की लगातार धमकी दे रहे हैं जिससे वह स्वीकार्थिक परिस्थितियों में स्थित पहा सकती है और फैसला बहुत ही महत्वपूर्ण है गवर्नर की अध्यक्षता में दिन दिवसीय चली. एमपीसी बैठक 6 अगस्त को खत्म हुई विश्लेषकों के बीच में अनुमान था कि आरबीआई अंतिम बार 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है लेकिन समिति के दरों को स्थिर रखने को प्राथमिकता दी है.
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रेपो रेट 5.5%
आपको यह जानकारी के लिए बता देते हैं कि फरवरी अप्रैल और जून 2022 में 3 बार लगातार रेपो रेट में कटौती की थी उससे यह कट करके नीति रूप को उधर के स्टेटस कर दिया था जून 2025 की समीक्षा बैठक मेरे पूरे 50 स्पीशीज पॉइंट गैस रिजर्व रेशों में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती से बाजार में मजबूती के दिया था .
महंगाई में बनी राहत
था कि आरबीआई का खुदरा मुद्रा स्थिति लक्ष्य 4% है जिसमें प्लस माइनस 2% का उतार चढ़ावस्वीकार है मौजूदा समय में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधारित मुद्रा स्थिति 6 साल के न्यूनतम स्तर पर है जिससे भविष्य में दरो के कटौती की गुंजाइश बनी हुई है जून 2025 की बैठक में आरबीआई ने महंगाई अनुमान को घटकर के 3.7% कर दिया था जो कि साल में सबसे कम है
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