भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद मदन कौशिक अपनी टीम में कुछ बदलाव कर सकते हैं। उन्होंने बदलाव की संभावना के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह आवश्यकता के अनुसार कुछ बदलाव कर सकते हैं।
पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के हाथों में बागडोर
प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष को भी बदल दिया है। अब बागडोर पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के हाथों में हैं।
सबसे बड़ी चुनौती 2022 के विधानसभा चुनाव
पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया है। पार्टी अध्यक्ष होने के नाते कौशिक के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2022 के विधानसभा चुनाव की है।
ऐसी टीम की दरकार है जो सियासी पिच पर उनके हिसाब से खेले
इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए उन्हें एक ऐसी टीम की दरकार है जो सियासी पिच पर उनके हिसाब से खेले। माना जा रहा है कि वह अपनी टीम में कुछ नए चेहरे शामिल कर सकते हैं और कुछ जिम्मेदारियां भी बदल सकते हैं।
तीन-तीन चुनावी चुनौती
कौशिक के सामने तीन-तीन चुनावी चुनौती है। उनके सामने सबसे पहली चुनावी चुनौती सल्ट विधानसभा के उपचुनाव की है। उसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री के उपचुनाव में जाना है।
संभावना है कि विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा का उपचुनाव भी हो
उसके बाद उन्हें 2022 विधानसभा चुनाव में जाना है। इस बात की संभावना है कि विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा का उपचुनाव भी हो। इन चुनावी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कौशिक की टीम में बदलाव होने के प्रबल आसार माने जा रहे हैं।
आज विधिवत पदभार संभालेंगे
सोमवार को मदन कौशिक प्रदेश अध्यक्ष पद की विधिवत जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके सम्मान में महानगर भाजपा ने बाइक रैली का आयोजन किया है। यह बाइक रैली प्रदेश भाजपा कार्यालय तक जाएगी। इसके बाद कौशिक पार्टी कार्यालय में दायित्व ग्रहण करेंगे।
