( धर्म, साहस और न्याय का अनुपम संदेश )
राजनांदगांव। जिले की प्रतिष्ठित संस्था गायत्री विद्यापीठ के कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के बच्चों ने धार्मिक एवं प्रेरणादायक फिल्म नरसिम्हा का सामूहिक रूप से अवलोकन किया। यह फिल्म भगवान विष्णु के चौथे अवतार नरसिम्ह पर आधारित है, जिसमें अधर्म पर धर्म की विजय, अन्याय के विरूद्ध न्याय और भक्ति की महिमा का सजीव चित्रण किया गया है।
फिल्म देखने के पश्चात विद्यार्थियों में धार्मिक मूल्यों, सत्य, साहस, भक्ति और अनुशासन के प्रति गहरी समझ विकसित हुई। इन्होंने यह भी सीखा कि जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर जाता है, तब ईश्वर स्वयं भक्तों की रक्षा हेतु प्रकट होते हैं।

इस अवसर पर शाला की प्राचार्य शैलजा नायर ने कहा कि- “ऐसे पौराणिक प्रसंग हमें अपने कर्त्तव्यों के प्रति जागरूक करते हैं और जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। विद्यालय क्रीडाधिकारी अखिलेश मिश्रा, वरिष्ठ व्याख्याता आशीष शर्मा, सुनील गुप्ता, आशीष सोनवानी, मेलकम दास, मनीष सुराना, उषा झा, उर्मिला मिश्रा, मैत्री कोठारी, कराते शिक्षक जयप्रकाश साहू का विशेष योगदान रहा।
शाला की व्याख्याता एवं मीडिया प्रभारी उषा झा से मिली जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह फिल्म न केवल मनोरंजन बल्कि शिक्षाप्रद भी रहा। यह आयोजन विद्यालय में अध्ययन के साथ-साथ संस्कार और नैतिक शिक्षा को भी बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण कदम रहा।
इस अवसर पर गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष डॉ.बृजकिशोर सुरजन, उपाध्यक्ष राजेश जैन, संध्यादेवी सिंघल, सचिव गगन लड्ढा, सह-सचिव निकुंज सिंघल, कोषाध्यक्ष सूर्यकान्त जी चितलांग्या, संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सुषमा सुरजन, सांस्कृतिक प्रभारी हरिश गांधी, रुपाली गांधी, एकेडमिक डायरेक्टर अमित उत्तलवार, स्पोटर्स डायरेक्टर सागर चितलांग्या, प्रशासक अनिल बाजपेयी, प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल, उप प्राचार्य रश्मि ठाकुर, वंदना डुंभरे, स्कूल मैनेजर तरनजीत सिंह के टूटेजा एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा शुभकामनाएँ दी गई।
