राजनांदगांव | शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग में अनुसंधानरत शोधार्थियों के अनुसंधान कार्य की प्रस्तुति के साथ ही उनके कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्राचार्य डॉ सुचित्रा गुप्ता की उपस्थिति में हिंदी के कुल सात शोधार्थियों ने पीपीटी प्रेजेंटेशन द्वारा अपने शोध कार्य की प्रगति दर्शायी। इनमें डॉ शंकर मुनि राय के निर्देशन में शोधरत शोधार्थी माहेश्वरी पटेल के शोधप्रबंध को पीएचडी के लिए हेमचंद विश्वविद्यालय, दुर्ग में जमा करने संबंधी सुझाव दिए गए। माहेश्वरी के शोध का विषय है-‘ डॉ विनय कुमार पाठक के समकालीन साहित्य में विभिन्न विमर्श।’
इस समीक्षा बैठक में प्राचार्य ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए उनके अनुसंधान कार्य की प्रशंसा की और सुझाव दिए कि वे निर्धारित समय में अपने कार्य पूरा करें। इसके लिए सभी शोधकर्ताओं को महाविद्यालय स्तर पर उपलब्ध सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ विभागाध्यक्ष डॉ शंकर मुनि राय ने बताया कि अभी हिंदी विभाग में कुल 15 शोधार्थियों द्वारा विभिन्न विषयों पर अनुसंधान कार्य जारी है। इनमें दो शोधार्थी निगिता रामटेके और अनवर खान को पीएचडी की उपाधि प्राप्त हो चुकी है। शोधार्थी बिन्दु डनसेना का शोध प्रबंध विश्वविद्यालय में जमा हो चुका है।
आज की समीक्षा बैठक में हिंदी विभाग के शोधनिर्देशक डॉ शंकर मुनि राय, डॉ बी.एन. जागृत और डॉ आस्था दीवान सहित महाविद्यालय के अन्य विषयों के शोध निर्देशक भी उपस्थिति थे। बैठक में आज शोधार्थी माहेश्वरी, हेमलाल सहारे, श्रीलाल वर्मा, शालीन साहू, मनीष कुर्रे, जीवंतिका ठाकुर और अनिल पटेल ने अपने अनुसंधान कार्य की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर एम ए हिंदी की प्रतिभाशाली छात्रा आरती झारिया को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि आरती ने यूजीसी नेट परीक्षा में सहायक प्राध्यापक परीक्षा की पात्रता प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवान्वित किया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रवीण कुमार साहू ने किया।
