जगदलपुर . बस्तर में मानसून की शुरुआत के साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मलेरिया और डेंगू के बाद अब Japanese encephalitis (जेई) ने दस्तक दी है. जिले में अब तक जेई के 15 मामले सामने आए हैं, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि विभाग का कहना है कि मृत्यु के कारणों के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन लक्षण जेई के ही नजर आए हैं. सभी प्रभावित बच्चों का इलाज शुरू कर दिया गया है, और स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है.
विशेषज्ञ के मुताबिक जापानी इंसेफेलाइटिस एक वायरल बीमारी है, जो कुलैक्स मच्छरों के काटने से फैलती है. यह मच्छर ज्यादातर जंगल और खेती वाले क्षेत्रों में पाया जाता है. बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों में पिछले कुछ वर्षों से जेई के मामले सामने आ रहे हैं. डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में जेई की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है. डॉ. साहू ने बचाव के लिए मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, मच्छर भगाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करे और घर व आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखें, ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो कहा है
