पखांजूर। पखांजूर क्षेत्र का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसे कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने x में पोस्ट कर लिखा, पखांजूर से आई ये तस्वीरें “विकास” के तमाम दावों को कटघरे में खड़ा करती हैं। एक गर्भवती आदिवासी महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी – और उसे कीचड़ भरे रास्तों से 4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। उस माँ की हर थकी हुई चाल, हर डगमगाते कदम भाजपा के भ्रष्टाचार को अपने पैरों के निशान से चिन्हित कर रहे हैं।
जिनकी ज़मीनों से देश के लिए खनिज निकलते हैं, क्या उन्हें ही बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और पक्की सड़कों से वंचित रहना होगा? क्या बस्तर के आदिवासी केवल संसाधनों के स्रोत हैं – या इस देश के वो नागरिक, जिनका सम्मान और अधिकार उतना ही अहम है जितना राजधानी के वातानुकूलित दफ्तरों में बैठने वालों का? सरकार अगर दलदल में घिसटती ज़िंदगी तक न पहुंच सके – तो वो विकास नहीं, धोखा है, छलावा है!






