- भीषण गर्मी के दिनों में खेत से भुंई फोर उपजा था स्वयं भू शिव लिंगेश्वर
- श्रावण मास में हो रही विशेष पूजा -आराधना
राजनांदगांव | शहर से लगभग 10 किलो मीटर दूर ग्राम गठुला भेड़ीकला समीप स्थित ग्राम भांठागांव में जमीन फोड़ निकले स्वयं भू- लिंगेश्वर को देखने लोगों की खासी भीड़ उमड़ रही है।
प्रत्यक्ष दर्शियों की मानें तो इस स्वयं भू शिव लिंग में नागदेव सर्प आदि लिपटे रहते हैं। अभी नई जानकारी सामने आई कि रिस्ट वाच को इस स्वयं भू शिव लिंग पर रखने से उक्त रिस्ट वाच अपने आप चलने लगता है।
मंदिर के पुजारी विजेंद्र साहू ने बताया कि आज से लगभग 10 साल पहले उक्त भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर भीषण गर्मी के दिनों में उनके खेत से प्रकट हुआ था। जिसे देखने हजारों की भीड़ उमड़ी थी। पूजा-अर्चना के लिए लोगों का तांता रहा था। उस दिन से भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर की नित पूजा- आराधना होती आ रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य मेला भरता है।
कांवर में जल चढ़ाने आते हैं कांवरिए
पुजारी विजेंद्र साहू ने बताया कि श्रावण मास भर यहां भगवान स्वयं भू लिंगेश्वर की पूरी श्रद्धा- भक्ति के साथ पूजा आराधना की जाती है। भक्ति भावना का जोर बना रहता है। श्रावण मास भर कांवरिए नदी सरोवरो से जल लाकर भगवान स्वयं भू लिंगेश्वर में चढ़ाते में और मनो- मुराद पाते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह शाम भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर की पूजा – आरती के समय शंख घंटे घड़ियाल की आवाज गूंजती है। दूर- दूर से बड़ी संख्या में भक्त जन भगवान स्वयं भू लिंगेश्वर में लिपटे रहने वाले नाग- सर्पादि का दर्शन करने आते हैं और मनो- मुराद पाते हैं। भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर धाम में अशक्त जनों को औषधिया भी उपलब्ध कराई जाती है। श्रावण मास में यहां रोजाना भगवान स्वयं भू लिंगेश्वर का रुद्राभिषेक सहित महामृत्युंजय मंत्र जाप से भाव-भक्ति मय माहौल बना हुआ है। उक्ताशय की जानकारी मंदिर समिति के नरोत्तम साहू द्वारा दी गई।
