दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो लोगों को पारे के साथ दबोचा
जेल में बंद दो आतंकियों और एक नेता के भी साजिश में शामिल होने की आशंका
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली दंगों के तीन आरोपियों की हत्या करने की साजिश का पर्दाफाश किया है। तीनों को खाने में पारा (मर्करी) देने की योजना थी। जेल में पारा भी पहुंचने वाला था, लेकिन स्पेशल सेल ने समय रहते जेल में बंद एक आरोपी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया। आशंका है कि तिहाड़ में बंद दो आतंकी और दिल्ली दंगों का एक आरोपी नेता साजिश में शामिल हो सकता है। मामले का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन सकते में है।
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से तिहाड़ में एक मोबाइल नंबर चल रहा था। उसे सर्विलांस पर लिया गया तो साजिश का खुलासा हो गया। उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे के आरोप में अंकित व उसके दो साथी तिहाड़ में बंद हैं।अंकित के खिलाफ दंगों में आठ-दस केस दर्ज हुए थे। तिहाड़ में ही दुष्कर्म के बाद महिला व उसके दो बच्चों की हत्या करने वाला आरोपी शाहिद भी बंद है। उसकी गिरफ्तारी के समय काफी भी हंगामा हुआ था। जेल में दो आतंकी व दिल्ली दंगों का एक नेता भी बंद है।
शाहिद, नेता और आतंकियों को लगता था कि अंकित ने जाफराबाद इलाके में एक धार्मिक स्थल को जलाया है। हालांकि, पुलिस जांच में जाफराबाद इलाके में किसी धार्मिक स्थल को जलाने की बात अभी तक सामने नहीं आई है। इस वजह से इन चारों ने मिलकर अंकित व उसके दो साथियों की हत्या करने की साजिश रची। शाहिद ने जेल से बाहर अपने साथी असलम से पारे का इंतजाम करा लिया। परफ्यूम की शीशी में पारा जेल पहुंचाने वाला था।
स्पेशल सेल ने मामला दर्ज कर शाहिद व दक्षिणी दिल्ली से असलम को गिरफ्तार किया है। हालांकि, साजिश में शामिल दोनों आतंकी व नेता के खिलाफ अभी तक सुबूत नहीं मिले हैं। आतंकी करीब पांच वर्ष से जेल में बंद हैं। इन पर दिल्ली व हरिद्वार में आतंकी हमले करने की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस असलम से पूछताछ कर रही है कि उसने पारे का इंतजाम कहां से और कैसे किया। परफ्यूम की शीशी कहां से ली थी।
751 एफआईआर दर्ज
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 23 से 25 फरवरी 2020 के बीच हिंसा हुई थी। इसमें 53 लोग मारे गए थे और करीब 300 से अधिक घायल हो गए थे। पीएफआई पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों के लिए धन मुहैया कराने के आरोप लगे थे। दंगाइयों ने दर्जनों घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। मामले में कुल 751 एफआईआर दर्ज की गई थीं। हिंसा के मास्टर माइंड माने जाने वाले आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और कांग्रेस पार्टी की पूर्व पार्षद इशरत जहां अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट पर अभी सुनवाई जारी है।
