रायपुर। खरोरा इलाके में कभी भी बड़ी त्रासदी आ सकती है, जिसकी वजह मशरूम फैक्ट्री है, प्रबंधक पर आरोप है कि फैक्ट्री से निकाले जा रहे प्रदुषण युक्त कचरे को आसपास के गांवों में खाली पड़े सरकारी जमीनों में ठिकाना लगाया जा रहा है, कचरे के ढेर को देखकर लोग भयभीत है, बीमारी फ़ैलने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने प्रशासन से इसकी शिकायत कर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है, साथ ही मशरूम फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हुए है, मामले को दबाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
खरोरा थाने में शिकायत छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने बताया, उमाश्री राईस मिल ग्राम पिकरीडीह थाना खरोरा जिला रायपुर छ0ग0 से निकलने वाली अपशिष्ट पदार्थ से काफी बदबू आ रहे है जिससे आने-जाने वाले राहगिरो को श्वास लेने में काफी परेशानियां हो रहा है तथा कंपनी से अपशिष्टं पदार्थ को गांव के शासकीय भूमि जिस पर ग्रामवासी उपयोग कर रहे है उसी पर इधर-उधर फेका जा रहा है जिससे भूमि प्रदूषण, वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण हो रहा है ।
तथा मजदूरो के साथ शोषण किया जा रहा है मजदूरी को 08 घंटे से अधिक समय तक काम लिया जा रहा है तथा मजदूरी दर ठीक से नही दिया जा रहा है इस प्रकार कंपनी प्रबंधक एवं ठकेदार के द्वारा शोषण किया जा रहा है । तथा कुछ मजदूरो को बंधक भी बनाया जा रहा है जिसके संबंध में किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुआ है इसलिए प्रकार उमाश्री राईस मिल का हौसला बुलंद होते जा रहा है तथा कंपनी के द्वारा मजदूरो एवं ग्रामवासी को प्रताड़ित किया जा रहा है।
97 श्रमिक का रेस्क्यू
मशरूम फैक्ट्री में महिला बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह एक्शन मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जाए की शिकायत मिलने के बाद हुई। विभाग की टीम ने छापा मारते हुए 97 लोगों को रेस्क्यू कर फैक्ट्री के बाहर निकल गया है। रेस्क्यू किए लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल है। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर देश के अलग-अलग राज्यों से फैक्ट्री में मजदूरी करने के लिए आए हुए थे। इनको ठेकेदार और संचालक ने बिना पैसा भुगतान किया बंधक बनाकर कार्य कराया जा रहा था। पूरा मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है।
प्रताड़ना के इस मामले खुलासा तब हुआ जब कुछ मजदूर फैक्ट्री मालिकों की प्रताड़ना से तंग आ गए। वे 2 जुलाई की रात को फैक्ट्री से भाग निकले। वे 20 किमी पैदल चलकर रायपुर पहुंचे। कुछ लोगों ने मदद कर पुलिस तक पहुंचाया। फैक्ट्री में काम करने आए मजदूर ने कहा कि मशरूम कंपनी में पैक करने के लिए यहां पर लेकर आए थे।
