जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा के मार्गदर्शन में एमसीबी जिले की जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत अमृत सदन में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के संचालन और संधारण को लेकर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं स्वच्छाग्राही बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन और इसके पृथक्करण की व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी देना रहा। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों, उनके पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और इनके वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्लास्टिक के विभिन्न प्रकारों की पहचान, उन्हें श्रेणियों में बांटने तथा इनके सुरक्षित सेग्रीगेशन के उपायों को सरल भाषा में समझाया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि कैसे समुदाय की सहभागिता से ग्रामों को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को परसगढ़ी स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का भ्रमण कराया गया जहां उन्होंने यूनिट के संचालन की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और सीखा कि प्लास्टिक कचरे को संग्रहित कर किस प्रकार पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं में परिवर्तित किया जा सकता है। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने मशीनों की कार्यप्रणाली, श्रमिकों की भूमिका, और प्लास्टिक प्रसंस्करण की संपूर्ण प्रक्रिया की बारीकियों को समझा तथा ग्राम पंचायत स्तर पर इसे लागू करने की रूपरेखा पर विचार किया। इस आयोजन से प्रतिभागियों में प्लास्टिक प्रबंधन को लेकर जागरूकता और उत्साह देखने को मिला जो आने वाले समय में स्वच्छ और टिकाऊ ग्राम निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यशाला का आयोजन न केवल प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तकनीकी पक्ष को मजबूत करने की दिशा में सार्थक पहल रही बल्कि यह ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी सशक्त बनाने वाला कदम रहा।
