बिलासपुर : दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्कक्रांति स्पेशल ट्रेन में 25 फरवरी से दोबारा यात्रियों को पैकेट बंद खाने-पीने का सामान उपलब्ध होने लगेगा। करीब एक माह बाद मुख्यालय स्तर पर इस ट्रेन की पेंट्रीकार का ठेका हो गया है।कोरोना के दौरान यह पहली बार हुआ है जब आइआरसीटीसी ने एक साथ छह महीने के लिए टेंडर किया है। हालांकि जनशताब्दी ट्रेन में पेंट्रीकार की सुविधा पिछले कई दिनों से नहीं है। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आइआरसीटीसी अब तक केवल टेंडर प्रक्रिया में जुटी हुई है।कोरोना के कारण बंद ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। पर पेंट्रीकार को लेकर समस्या आ रही है। दरअसल ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाई जा रही है। इसलिए इन ट्रेनों का अलग से टेंडर किया जा रहा है। इसकी अवधि एक या दो महीने होती है। इसके साथ ही केवल रेडी टू इट सामान देने का नियम है। पेंट्रीकार में ही खाना या नाश्ता बनाने की छूट नहीं दी गई है। कम समय के लिए टेंडर होने के कारण बार-बार टेंडर करना पड़ रहा है। प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर होने के कारण दोबारा सुविधा मिलने में देरी हो जाती है। संपर्कक्रांति एक्सप्रेस में यही समस्या थी। एक महीने से यह ट्रेन बिना पेंट्रीकार सुविधा के चल रही थी। जिस अब जाकर टेंडर हुआ है।रायपुर की किसी निजी कंपनी को छह महीने के लिए टेंडर दिया गया है। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। पर रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार का ठेका अब तक नहीं हो सका है। इसके चलते सफर करने वाले यात्रियों परेशानी हो रही है। हालांकि इसका फायदा अवैध वेंडर उठा रहे हैं। छत्तीसगढ़ स्पेशल ट्रेन में सुविधा पहले से मिल रही है।
