राजनांदगांव | 33 वर्षीय युवक को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बचा लिया। लखोली निवासी मनोज कुमार घर में सो रहा था। रात में कोबरा सांप ने उसे कमर में डस लिया। परिजन उसे बेहोशी की हालत में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। मनोज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने तुरंत वेंटिलेटर पर इलाज शुरू किया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर के निर्देश पर मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. नवीन कुमार तिर्की के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सक डॉ. प्रकाश खूंटे ने टीम के साथ इलाज शुरू किया।
मरीज दो दिन तक वेंटिलेटर पर बेहोश रहा उसे तीसरे दिन होश आया। डॉक्टरों और स्टाफ ने राहत की सांस ली। पांचवें दिन वेंटिलेटर से बाहर आया। आठवें दिन पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटा। मनोज पुरानी गंज मंडी के हाट बाजार में सब्जी ठेला लगाता है। इस गरीब परिवार में पत्नी और 2 बच्चे हैं। हालत देखकर परिजन उम्मीद छोड़ चुके थे डॉक्टरों की मेहनत व अनुभव ने न सिर्फ मरीज को बल्कि परिवार को जीवन दान दिया। इलाज में डॉ. प्रकाश खूंटे के साथ डॉ. चिन्मय डाकलिया, डॉ. गोपेश सिंह, डॉ. लक्की, डॉ. पराग, स्टाफ नर्स रेखा वर्मा, राज लक्ष्मी साहू, मोहिनी निषाद, चंद्रकला तारम, पूजा निषाद, इंटर्न डॉक्टर चंद्रभान, भावना और दिव्या पंजवानी शामिल रही। इस पूरे मामले में सबसे अच्छी बात यह रही कि परिजन झाड़फूंक के चक्कर में नहीं पड़े। मरीज को सीधे अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि ऐस मामलों में सक्रियता दिखाने और धैर्य की जरूरत होती है। जितनी जल्दी डॉक्टरी इलाज मिले वह करें।
