जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का तेरहवां नाम दीक्षा केंद्र ग्राम सिंघोला, जिला राजनांदगांव में खुला है। राजनांदगांव जिला में संत रामपाल जी महाराज के हजारों शिष्य हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य समाज में फैले हुए कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना है। दहेज मुक्त भारत बनाना-इसके अंतर्गत दहेज मुक्त आदर्श विवाह माता-पिता की आपसी सहमति से संपन्न कराया जाता है। नशा मुक्त भारत अभियान-नशा आज हमारे देश के लिए एक अभिशाप है। बच्चे से लेकर बड़े तक किसी ना किसी नशा के गुलाम बन चुके हैं। संत रामपाल जी महाराज के शिष्य सभी तरह की नशा से दूर रहते हैं। उनके लिए नशा करना तो दुर की बात उन्हें छूना भी पाप समझते हैं। ऊंच-नीच, छुआछूत, जाती-पाती को मिटाकर एक स्वच्छ मानव समाज तैयार कर रहे हैं।

संत रामपाल जी महाराज आध्यात्मिक मार्ग में फैले हुए पाखंडवाद को समाप्त कर शास्त्रों के अनुसार भक्ति विधि बताते हैं। संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि संसार को बनाने वाला परमेश्वर एक उनका नाम कबीर है। जिनकी भक्ति करने से हमारे सभी दुख दूर होते हैं। जीवन का मूल उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है, मोक्ष है तभी संभव है जब हम पूर्ण गुरु से दीक्षा लेकर उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर अपना मानव जीवन कल्याण करें।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य कोऑर्डिनेटर डॉक्टर दुष्यंत साहू एवं पंकज दास, छत्तीसगढ़ राज्य मीडिया प्रभारी राजेश शर्मा एवं शंभू साहू, कार्यकारिणी सदस्य सनत जंघेल, जनक साहू उपस्थित रहे।

