रायपुर, राज्य ब्यूरो : छत्तीसगढ़ पुलिस अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गश्त करेगी। डीजीपी डीएम अवस्थी ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में सभी जिलों के अपराधों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक में डीजीपी ने बेसिंग पुलिसिंग के साथ विजिबल और इंपैक्टफुल पुलिसिंग पर जोर दिया।डीजीपी ने कहा कि सभी जिले के ग्रामीण इलाकों में घटित अपराधों में तीव्र कार्रवाई करें। इसके लिए थाना क्षेत्र के गांवों का भ्रमण करें। डीजीपी ने थाना प्रभारी को गांवों में पहुंचकर चौपाल आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चौपालों में पीड़ितों, ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें।डीजीपी ने कहा कि इस व्यवस्था का पुलिस अधीक्षक भी स्वयं औचक निरीक्षण करें। ग्रामीण इलाकों के साथ बड़े शहरों में भी बीट सिस्टम के अनुरूप मोहल्लों और कालोनियों में जाकर बैठक आयोजित करें। साथ ही नागरिकों से संवाद स्थापित कर अपराधों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रभावी पुलिसिंग करें। डीजीपी ने कहा कि महिला विरुद्ध अपराध, हत्या, लूट, डकैती जैसे गंभीर प्रकृति के अपराधों में तत्काल कार्रवाई करें। महिला और बाल विरुद्ध अपराधों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रायगढ़ एवं जशपुर सहित सभी जिले में महिला एवं बाल तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें।समीक्षा बैठक में डीजीपी ने कहा कि बेसिक, विजिबल और इंपैक्टफुल पुलिसिंग पर सभी पुलिस अधीक्षक जोर दें। नागरिकों को पुलिसिंग होते हुए दिखना चाहिए, इसके लिए सामुदायिक पुलिसिंग पर विशेष जोर दें। शिकायतकर्ता से पुलिस अधीक्षक स्वयं मिलें। पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना पुलिस का कर्तव्य है। आपराधिक मामलों में तेजी से चालान पेश करने के साथ ही आरोपियों को सजा दिलाकर पीड़ित को न्याय दिलाना भी प्राथमिकता होनी चाहिए। अवस्थी ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस पूरे देश में दूसरे स्थान पर आई है। इसका श्रेय भी सभी पुलिस अधिकारियों को जाता है। आप सभी अच्छा कार्य कर रहे हैं। पुलिसिंग के सभी क्षेत्रों में ध्यान दिया जा रहा है। श्री अवस्थी ने निर्देश दिये कि पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास करें। बैठक में एडीजी हिमांशु गुप्ता, डीआइजी एससी द्विवेदी, हिमानी खन्ना, सभी आइजी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
