राजनांदगांव : कोरोना काल के लगभग 11 महीनों के बाद स्कूल खुल गए हैं। हालांकि स्कूल में नवमीं से 12 वीं कक्षा की ही क्लास लग रही है। मीडिल और प्रायमरी स्कूलों के संचालन का अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई कोरोना काल में ऑनलाइन चल रही थी, पर अब स्कूल खुलने से पढ़ाई ऑफलाइन हो गई है। स्कूल खुलने के बाद अब शिक्षकों को कोर्स पूरा कराने का टेंशन बढ़ गया है। क्योंकि ऑनलाइन से शिक्षक करीब 80 फीसदी ही कोर्स कंप्लीट कर पाए हैं।बचे 20 फीसदी कोर्स को पूरा करने के लिए शिक्षक अब हड़बड़ा रहे हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम ने सभी प्रचार्यों को निर्देश जारी किया है कि अतिरिक्त क्लास के अलावा छुट्टी के दिनों में भी विद्यालय कोचिंग लगाकर कोर्स को समय पर पूरा करें। छुट्टी के दिन क्लास लगाने के लिए डीइओ ने पहले विद्यार्थियों के पालकों से अनुमति लेने की बात भी कही है।
स्कूल खुलने के बाद सभी बच्चें स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्कूलों में उपस्थिति कम है। इसलिए स्कूलों में बैठक व्यवस्था को लेकर दिक्कत नहीं हो रही है। विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति होने पर बैठक व्यवस्था बिगड़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना बचाव के लिए जारी गाइड लाइन का पालन करते हुए स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच सामाजिक दूरी बनाने के लिए एक टेबल पर एक ही विद्यार्थियों को बिठाया जा रहा है। इसके लिए भी डीइओ ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि बैठक व्यवस्था बिगड़ने पर 9वीं से 11 वीं और 10 वीं से 12 वीं के विद्यार्थियों की तीन-तीन घंटे में दो पाली लगाकर क्लास लगाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम ने कहा कि छुट्टी के दिनों में कोचिंग विद्यालय के लिए विद्यार्थियों के पालकों की अनुमति जरूरी है। एक्स्ट्रा क्लास के लिए भी पहले विद्यार्थियों के पालकों से अनुमति ली जाएगी, ताकि किसी तरह की दिक्क्त ना हो। उन्होंने कहा कि बोर्ड कक्षा दसवीं और 12 वीं के लिए खासकर ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी। इसलिए महत्वपूर्ण विषय जैसे गणित, अंग्रेजी, भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से प्रतिदिन विद्यालय आने कहा गया है। अतिरिक्त समय पर एक्स्ट्रा क्लास लगाकर कोर्स को पूरा किया जा सकता है।
